देहरादून और मंडी में बादल फटा: 15 की मौत, सैकड़ों फंसे

भारी बारिश और भूस्खलन से उत्तराखंड-हिमाचल का जनजीवन अस्त-व्यस्त। घर, होटल और सड़कें बह गईं, गंगा-यमुना खतरे के करीब।

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मंडी में बादल फटा, भारी तबाही

हिमालयी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने से तबाही का आलम है। उत्तराखंड में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, 16 लोग लापता हैं और करीब 900 लोग अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं। हिमाचल में भी भूस्खलन और फ्लैश फ्लड ने जनजीवन ठप कर दिया है।

मुख्य तथ्य

  • उत्तराखंड में 15 मौतें, 16 लापता और 900 से अधिक लोग फंसे।
  • देहरादून के बाहरी इलाकों में 24 से अधिक घर और होटल बह गए।
  • हिमाचल में भूस्खलन से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत।
  • गंगा-यमुना खतरे के निशान के करीब, टौंस और स्थानीय नालों में उफान।
  • हिमाचल में 650 सड़कें बंद, सैकड़ों वाहन और दुकानें जलमग्न।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को भारी बारिश और बादल फटने से भारी तबाही हुई। उत्तराखंड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। देहरादून के सहस्त्रधारा इलाके में अचानक आई बाढ़ ने तीन बड़े होटलों, आठ दुकानों और दर्जनों घरों को बहा दिया। गांव प्रधान राकेश जवाड़ी ने बताया कि रात 11 बजे से शुरू हुई बारिश ने आधी रात को तबाही मचा दी।

मंडी
मंडी में बादल फटा, भारी तबाही

देहरादून के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। टौंस नदी के किनारे स्थित टपकेश्वर मंदिर का शिवलिंग जलमग्न हो गया। गंगा और यमुना खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। फ़ुलेटा गांव में आठ मज़दूर एक घर गिरने से मलबे में दब गए। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार बचाव कार्य कर रही हैं।

उधर हिमाचल प्रदेश भी बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित है। मंडी जिले के धर्मपुर में तेज़ बारिश से आया फ्लैश फ्लड बस स्टैंड तक पहुंच गया और कई सरकारी व निजी वाहन बह गए। दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत भी मकान ढहने से हो गई। शिमला में भारी बारिश से हुए भूस्खलनों ने होटल हिमलैंड और बिशप कॉटन स्कूल के पास की सड़कों को बंद कर दिया।

मंडी
मंडी में बादल फटा, भारी तबाही

हिमाचल सरकार के मुताबिक, इस साल अब तक 46 बादल फटने की घटनाएं, 97 फ्लैश फ्लड और 140 भूस्खलन दर्ज किए गए हैं। केवल शिमला ने ही 12 घंटे में 141 मिमी बारिश दर्ज की है। करीब 650 सड़कें और तीन राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं, जबकि 1,250 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 160 जल योजनाएं ठप पड़ी हैं।

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल मौसम विभाग ने 23 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को नदियों और नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। बचाव कार्य तेज़ी से जारी है, लेकिन नुकसान करोड़ों में आंका जा रहा है।

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