दिल्ली के तिमारपुर इलाके में 6 अक्टूबर को मिले यूपीएससी अभ्यर्थी राम केश मीना की मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि उनकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान और उसके पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप ने मिलकर मीना की हत्या की साजिश रची थी। अब पुलिस को मीना के हार्ड डिस्क में कई महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।
मुख्य तथ्य
- पीड़ित UPSC अभ्यर्थी राम केश मीना की हत्या कर शव को जलाने की कोशिश।
- आरोपी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान और उसके पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप गिरफ्तार।
- हार्ड डिस्क में कई महिलाओं की “अश्लील वीडियो और तस्वीरें” मिलीं।
- हत्या को सिलेंडर ब्लास्ट जैसा दिखाने की थी साजिश।
- अमृता ने बताया — मीना वीडियो डिलीट नहीं कर रहा था, इसलिए डर गई थी।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया कि UPSC अभ्यर्थी राम केश मीना की हत्या की साजिश उनकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान और उसके पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप ने रची थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मीना के पास एक हार्ड डिस्क थी जिसमें कई महिलाओं की “अश्लील तस्वीरें और वीडियो” सुरक्षित थे। इसी बात से नाराज होकर और अपनी निजी तस्वीरों के सार्वजनिक होने के डर से अमृता ने यह साजिश रची।
6 अक्टूबर को उत्तर दिल्ली के तिमारपुर इलाके में मीना का झुलसा हुआ शव उसके फ्लैट से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में इसे गैस सिलेंडर विस्फोट से हुई दुर्घटना बताया गया था। लेकिन तीन हफ्ते बाद जांच में चौंकाने वाला मोड़ आया — पुलिस ने अमृता, सुमित और उनके एक दोस्त संदीप कुमार को गिरफ्तार किया।

डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंथिया ने बताया कि अमृता मीना के साथ रिश्ते में रहते हुए भी अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित से संपर्क में थी। “अमृता मीना से रिश्ता खत्म करना चाहती थी। उसने उससे वीडियो डिलीट करने को कहा, लेकिन जब मीना ने इनकार किया तो उसने सुमित की मदद से हत्या की योजना बनाई,” अधिकारी ने बताया।
अमृता पहले मीना की हार्ड डिस्क चोरी कर ले जाना चाहती थी। लेकिन जब उसे वह नहीं मिली, तो तीनों ने मीना को कुर्सी से बांधकर उससे हार्ड डिस्क के बारे में पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, जब मीना ने विरोध किया, तो संदीप कुमार ने मोबाइल चार्जर की तार से उसका गला घोंट दिया। बाद में उन्होंने शव के पास गैस सिलेंडर रखकर उसका रेगुलेटर खोला और आग लगा दी ताकि हत्या को “सिलेंडर ब्लास्ट” जैसा दिखाया जा सके।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अमृता फॉरेंसिक साइंस की छात्रा थी और उसे क्राइम वेब सीरीज़ देखने का शौक था। उसने इसी से प्रेरणा लेकर हत्या को दुर्घटना जैसा दिखाने की योजना बनाई थी। अधिकारियों ने बताया कि उसने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि सबूत मिट जाएं और पुलिस को यह हादसा लगे।
वहीं, पुलिस का कहना है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हार्ड डिस्क में मौजूद वीडियो सहमति से बनाए गए थे या नहीं। किसी भी महिला ने इस मामले में अब तक शिकायत नहीं की है। “हम इन महिलाओं की पहचान नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हमें कोई शिकायत नहीं मिली है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
इस हत्याकांड ने दिल्ली में लिव-इन रिश्तों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है — खासकर जब डिजिटल गोपनीयता, ब्लैकमेलिंग और भरोसे के दुरुपयोग जैसे सवाल सामने आए हैं।


