लाल किला ब्लास्ट केस में दिल्ली पुलिस ने बड़ी प्रगति दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि Pulwama के 34 वर्षीय व्यक्ति ने 29 अक्टूबर को एक Hyundai i20 खरीदी थी — वही कार धमाके में इस्तेमाल हुई। 100 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने वाहन की गतिविधियों का पूरा ट्रेल तैयार कर लिया है।
मुख्य तथ्य
- Hyundai i20 को 29 अक्टूबर को पुलवामा निवासी ने खरीदा था।
- कार 7:30 बजे फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल के पास देखी गई थी।
- 8:13 बजे वाहन ने फरीदाबाद रोड से दिल्ली में प्रवेश किया।
- पुलिस ने UAPA, Explosives Act और BNS के तहत FIR दर्ज की है।
- कार में शव के अवशेष मिले; FSL, NSG और दिल्ली पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं।
दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट केस में पुलिस की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। जांचकर्ताओं ने अब उस Hyundai i20 कार की पहचान कर ली है जो धमाके का केंद्र थी। पुलिस के अनुसार, यह कार पुलवामा निवासी 34 वर्षीय व्यक्ति ने 29 अक्टूबर को खरीदी थी। हालांकि, पुलिस अभी तक उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने इस वाहन की लोकेशन ट्रेस करने के लिए 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह i20 सबसे पहले सुबह 7:30 बजे फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल के बाहर दिखी थी। इसके बाद यह वाहन 8:13 बजे फरीदाबाद रोड से दिल्ली में प्रवेश करती हुई कैमरे में कैद हुई।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “कार को आखिरी बार ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के मोदी मिल के पास एक पेट्रोल पंप पर 8:20 बजे देखा गया।” इसके बाद, यह कार लाल किला के पास पार्किंग एरिया में 3:19 बजे दाखिल होती है और 6:48 बजे बाहर निकलती है।
कैसे चली दिल्ली पुलिस की जांच मशीनरी
दिल्ली पुलिस की कई विशेष इकाइयां इस मामले में एक साथ काम कर रही हैं। एक टीम कार के दिल्ली आने से पहले का ट्रेल खंगाल रही है, जबकि दूसरी टीम दिल्ली के भीतर की गतिविधियों पर फोकस कर रही है।
DCP (North District) राजा बंथिया ने बताया कि मामला UAPA, Explosives Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में दर्ज किया गया है। “NSG, FSL और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और साक्ष्य एकत्रित कर रही हैं,” उन्होंने कहा।
कार के अंदर मानव अवशेष पाए गए हैं, जिन्हें FSL टीम ने एकत्र किया है। अधिकारी अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि धमाके से पहले कार में क्या हुआ और घटनाक्रम का सटीक क्रम क्या था।
CCTV फुटेज से उभरी चौंकाने वाली जानकारियां
सूत्रों के अनुसार, CCTV फुटेज में कार चालक को पार्किंग स्लिप लेते हुए देखा गया है। जब कार पार्किंग छोड़ती है, तब इलाके में भारी ट्रैफिक था।
फुटेज में कार को दरियागंज, कश्मीरी गेट और सुनेहरी मस्जिद के पास भी देखा गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा का कहना है कि कार में “एक से अधिक व्यक्ति” थे। लेकिन वीडियो फुटेज में सिर्फ एक शख्स ही दिखाई दे रहा है। अधिकारी अब यह जांच रहे हैं कि क्या बाद में कोई और व्यक्ति वाहन में सवार हुआ था।
जांच की अगली दिशा
अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध की पहचान लगभग तय हो चुकी है और जल्द ही उसका नाम सार्वजनिक किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस अब जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है ताकि उस व्यक्ति के पुलवामा कनेक्शन की पुष्टि की जा सके।
यह ब्लास्ट केस न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि इसने यह भी दिखाया है कि आधुनिक जांच तकनीक — खासकर CCTV नेटवर्क और डेटा एनालिसिस — किस तरह अपराधियों को ट्रैक करने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।


