रणवीर सिंह की स्पाई-एक्शन फिल्म Dhurandhar इस शुक्रवार रिलीज हो रही है, और फिल्म में संजय दत्त एक ऐसे किरदार को पर्दे पर ला रहे हैं जिसने पाकिस्तान की पुलिसिंग, अंडरवर्ल्ड और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने नाम की अलग पहचान बनाई—कराची के कुख्यात encounter specialist चौधरी असलम खान।
असलम का करियर सिर्फ अपराधियों से मुकाबले तक सीमित नहीं था, बल्कि RAW–ISI की खींचतान और भारत-पाक रिश्तों के गहरे बैकड्रॉप में भी उनकी भूमिका कई बार चर्चा में रही।
मुख्य तथ्य
- संजय दत्त ‘Dhurandhar’ में Karachi cop चौधरी असलम खान से प्रेरित किरदार निभा रहे हैं।
- असलम 2014 में TTP (Tehrik-e-Taliban Pakistan) के suicide attack में मारे गए थे।
- Karachi में MQM, Lyari gangs और TTP के खिलाफ 100+ encounters के लिए जाने जाते थे।
- RAW–ISI narrative में उनका नाम कई गिरफ्तारियों और आरोपों के कारण बार-बार उछला।
- Rahman Dakait व Uzair Baloch जैसे डॉन के खिलाफ कार्रवाई उन्हें Pakistani policing का सबसे विवादित चेहरा बनाती है।
भारतीय सिनेमा में पहली बार एक Pakistani cop की कहानी इतनी प्रमुखता से सामने आ रही है। संजय दत्त द्वारा निभाया गया किरदार Dhurandhar में Karachi के मशहूर encounter specialist चौधरी असलम खान से प्रेरित है—वह पुलिस अधिकारी जिसके वीडियो आज भी YouTube पर सबसे ज्यादा देखे जाते हैं: सफेद सलवार-कमीज़ में सिगरेट पीते हुए, हाथ में Glock pistol, और पीछे चलती गोलियों की आवाज़।
कौन थे चौधरी असलम खान?
असलम खान कराची पुलिस के Anti-Terror Unit में SSP के पद पर थे जब 2014 में एक suicide bombing में उनकी मौत हो गई।
Mansehra (Khyber Pakhtunkhwa) के पठान परिवार में जन्मे असलम 1980s के अंत में पुलिस में शामिल हुए। SHO Gulbahar के रूप में उनकी पहली पहचान बनी, और यहीं से उन्होंने “चौधरी” उपनाम अपनाया।
90 के दशक में Karachi MQM बनाम अन्य जातीय समूहों के संघर्ष का केंद्र था। MQM—Altaf Hussain के नेतृत्व में—मोहाजिरों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का बड़ा चेहरा था। इस दौर में कराची में होने वाली sack killings (jute bags में शव मिलने) ने असलम को सुर्खियों में ला दिया।
सरकारी कार्रवाई में वे फ्रंटलाइन लीडर थे, लेकिन MQM ने उन पर extrajudicial killings के आरोप लगाए।
Lyari gangs बनाम चौधरी असलम
कराची का Lyari इलाका—Baloch और Kutchi समुदायों का गढ़—लंबे समय से crime syndicates तथा PPP की स्थानीय पकड़ के लिए जाना जाता है। MQM के बढ़ते प्रभाव ने Lyari में हिंसक संघर्ष को जन्म दिया।
असलम का रुख MQM विरोध से बदलकर Lyari crackdown की ओर तब मुड़ा जब पार्टी Musharraf सरकार की सहयोगी बन गई। फिर राज्य-समर्थित अभियान में असलम को Lyari Task Force का प्रमुख बनाया गया—जहाँ कई encounters हुए।
Brohi tribe के एक सदस्य के encounter के बाद असलम को गिरफ्तार किया गया और उन्हें 16 महीने जेल भी काटनी पड़ी। सत्ता बदलते ही वे फिर पुलिस सेवा में लौटे और इसी दौर में उन्होंने कुख्यात Lyari don Rahman Dakait (Rahman Commando) को मार गिराने की कार्रवाई का नेतृत्व किया। फिल्म Dhurandhar में Akshaye Khanna इसी किरदार से प्रेरित भूमिका निभा रहे हैं।
Taliban और Anti-Terror Operations
2012 में असलम ने Uzair Baloch से जुड़े समूहों के खिलाफ 12-day siege चलाया, जिसमें 12 पुलिसकर्मियों की मौत हुई।
इसके बाद पाकिस्तान में TTP और LeJ द्वारा आत्मघाती हमलों में वृद्धि हुई, और असलम को counter-terror operations का नेतृत्व सौंपा गया।
उनके नेतृत्व में TTP के कई कथित आतंकियों का encounter हुआ। नतीजतन, TTP उन्हें सबसे बड़े टारगेट के रूप में देखने लगा।
9 जनवरी 2014 की सुबह Lyari Expressway पर उनके काफिले पर suicide bombing हुई। असलम, उनका guard और driver मौके पर मारे गए। जांच में इस हमले में inside support की संभावना भी जताई गई।
अपने करियर में असलम 100+ encounters का रिकॉर्ड रखते थे और पाकिस्तान में सबसे अधिक head-money reward (7.5 करोड़ PKR) पाने वाले अधिकारी बने।
RAW–ISI बैकड्रॉप: असलम का नाम geopolitics में क्यों आया?
असलम का काम पुलिसिंग तक सीमित था, लेकिन उनके कुछ मामलों का संबंध भारत-पाक के बड़े intelligence संघर्ष से जुड़ गया।
- Saulat Mirza की गिरफ्तारी
MQM कार्यकर्ता Mirza, जिसे पाकिस्तान के एक वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट की हत्या में दोषी ठहराया गया, असलम द्वारा पकड़ा गया था।
फांसी से पहले Mirza ने एक वीडियो में MQM पर RAW से सहायता लेने का आरोप लगाया।
भारत ने इन आरोपों का स्पष्ट खंडन किया।
- Uzair Baloch की गिरफ्तारी का संदर्भ
Uzair Baloch—Lyari का कुख्यात डॉन—2016 में पकड़ा गया और उस पर foreign intelligence agencies को जानकारी देने का आरोप लगा।
पाकिस्तान की एजेंसियों ने दावा किया कि उसका संबंध Kulbhushan Jadhav से जुड़े networks से था।
भारत इस आरोप को निराधार बताता है।
इस प्रकार असलम—चाहे अनजाने में—पाकिस्तान के उस narrative का हिस्सा बन गए जिसमें RAW, ISI और Karachi underworld की geopolitics घुल-मिल जाती है।
Indian Cinema में चौधरी असलम क्यों?
Dhurandhar की कहानी covert operations, cross-border tensions और Karachi underworld की जटिल राजनीति की पृष्ठभूमि लिए हुए है।
संजय दत्त का किरदार असलम का cinematic version है—एक ऐसा अधिकारी जो सिस्टम की सच्चाइयों, राजनीतिक दबाव और आतंकी खतरों के बीच निर्णायक भूमिकाएँ निभाता है।
Hindi फिल्मों में यह पहली बार है कि पाकिस्तान की policing और Karachi underworld का narrative एक बड़े स्तर पर दिखाया जा रहा है। इससे दर्शकों को न सिर्फ एक थ्रिलर कहानी मिलेगी, बल्कि South Asian geopolitics के कई अनकहे पहलुओं की झलक भी देखने को मिलेगी।


