ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुका के जश्न के दौरान हुई भीषण गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने कथित हमलावरों की पहचान नवेद अकरम और उनके पिता साजिद अकरम के रूप में की है।
मुख्य तथ्य
- बॉन्डी बीच पर हनुका समारोह के दौरान 1,000 से अधिक लोग मौजूद थे
- गोलीबारी में कम से कम 11 लोगों की मौत, 29 से अधिक घायल
- कथित हमलावर: नवेद अकरम (24) और उनके पिता साजिद अकरम (50)
- साजिद अकरम की मौके पर मौत, नवेद अकरम अस्पताल में पुलिस हिरासत में
- हमले को यहूदी समुदाय पर लक्षित आतंकवादी हमला बताया गया
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हनुका उत्सव मना रहे लोगों की भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चला दी गईं। इस भयावह हमले में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई और 40 से अधिक लोग घायल हुए। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में हाल के वर्षों में हुए सबसे गंभीर यहूदी-विरोधी हमलों में से एक मानी जा रही है।
कौन हैं नवेद और साजिद अकरम?
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित हमलावरों की पहचान नवेद अकरम, 24 वर्षीय युवक, और उनके 50 वर्षीय पिता साजिद अकरम के रूप में की गई है। दोनों सिडनी के दक्षिण-पश्चिमी इलाके से जुड़े बताए जा रहे हैं।
साजिद अकरम न्यू साउथ वेल्स में कानूनी रूप से हथियार रखने के लाइसेंसधारी थे और कथित तौर पर वह अपने साथ छह पंजीकृत हथियार लेकर बॉन्डी बीच पहुंचे थे।
नवेद अकरम पेशे से ईंट-भट्ठा मजदूर (ब्रिकलेयर) थे और हाल ही में बेरोजगार हुए थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने अपने परिवार को बताया था कि वह सप्ताहांत में मछली पकड़ने जा रहे हैं।
हमले का घटनाक्रम
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आरोपी रविवार शाम करीब 6:30 बजे कैंपबेल परेड स्थित एक पैदल पुल पर पहुंचे। वहां से उन्होंने उत्तर दिशा में स्थित पार्क की ओर फायरिंग शुरू कर दी, जहां यहूदी समुदाय हनुका का पहला दिन मना रहा था।
एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि फायरिंग के दौरान कथित तौर पर एक हमलावर ने कुछ लोगों को इशारों से वहां से हटने के लिए भी कहा, हालांकि इससे हमले की गंभीरता कम नहीं होती।
पुलिस कार्रवाई और जांच
गोलीबारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक हमलावर को वहीं मार गिराया, जिसकी पहचान बाद में साजिद अकरम के रूप में हुई। नवेद अकरम गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए और फिलहाल पुलिस निगरानी में हैं।
पुलिस ने दोनों के ठिकानों—बॉनीरिग स्थित घर और कैंप्सी में किराए के आवास—की तलाशी ली। एक वाहन से इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज़ (IEDs) भी बरामद किए गए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
यहूदी समुदाय पर हमला और राजनीतिक प्रतिक्रिया
NSW पुलिस कमिश्नर ने इस घटना को जानबूझकर किया गया यहूदी-विरोधी हमला बताया। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इसे देश के दिल पर हमला करार देते हुए कहा कि ऐसी नफरत की कोई जगह नहीं है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व पर एंटी-सेमिटिज़्म के खिलाफ सख्त रुख न अपनाने का आरोप लगाया, हालांकि अल्बनीज़ ने सीधे जवाब देने के बजाय राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।
एक आम नागरिक बना हीरो
पुलिस के अनुसार, यदि एक आम नागरिक—जिसे स्थानीय मीडिया ने अहमद अल-अहमद बताया—ने साहस दिखाते हुए एक हमलावर पर झपट्टा न मारा होता, तो मरने वालों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी। उन्होंने हमलावर से हथियार छीन लिया, जिससे स्थिति को काबू में लाने में मदद मिली।
यह हमला ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से यहूदी समुदाय पर हुए सबसे घातक हमलों में गिना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस हमले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या विचारधारा का हाथ था।


