भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का फिर दावा, भारत ने दोहराया अपना साफ रुख

वायरल वीडियो में ट्रंप बोले—मैंने युद्ध रुकवाए, भारत ने पहले भी खारिज किया दावा

Priyanka
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भारत-पाक पर ट्रंप का फिर दावा, भारत ने नकारा

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बयान अक्सर संकेत देते हैं, लेकिन जब वही बयान बार-बार दोहराए जाएं तो सवाल भी उतने ही तेज़ हो जाते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म कराने का श्रेय खुद को दिया है। हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि इस समझ में किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी।

मुख्य तथ्य

  • Donald Trump का दावा—उन्होंने भारत-पाक संघर्ष रोका
  • दावा एक वायरल वीडियो में सामने आया
  • भारत ने कहा: बातचीत सीधे दोनों सेनाओं के बीच हुई
  • Narendra Modi ने संसद में स्थिति स्पष्ट की
  • तनाव की शुरुआत अप्रैल में जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले से हुई

वायरल वीडियो में क्या कहा ट्रंप ने
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप, इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से बातचीत के दौरान यह कहते सुने गए कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि इसके बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार का श्रेय नहीं मिलता।

पहले भी दोहरा चुके हैं यही दावा
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा कहा हो। मई के बाद से वह कई मौकों पर यह बात दोहराते रहे हैं कि अमेरिका की मध्यस्थता से भारत-पाक के बीच हालात शांत हुए। उनके अनुसार, “लंबी रात की बातचीत” के बाद दोनों देश युद्धविराम पर राज़ी हुए।

भारत का स्पष्ट और स्थिर रुख
भारत सरकार ने हर बार इन दावों को खारिज किया है। नई दिल्ली का कहना है कि संघर्षविराम पर सहमति दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधे संपर्क से बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में साफ कहा कि किसी भी विदेशी नेता ने भारत से कोई ऑपरेशन रोकने को नहीं कहा।

तनाव की पृष्ठभूमि क्या थी
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को Operation Sindoor शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया।

कूटनीति बनाम ज़मीनी हकीकत
ट्रंप के बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुर्खियां जरूर बनते हैं, लेकिन भारत का फोकस हमेशा ज़मीनी तथ्यों और सैन्य संवाद पर रहा है। यही वजह है कि भारत ने हर बार अपने स्टैंड में कोई बदलाव नहीं किया।

निष्कर्ष
भारत-पाक संबंधों जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दावों और तथ्यों के बीच फर्क साफ है। जहां ट्रंप बार-बार मध्यस्थता का श्रेय लेते हैं, वहीं भारत लगातार कहता आया है कि फैसले उसकी संप्रभु प्रक्रिया और सीधे संवाद से लिए गए। यही स्पष्टता आने वाले समय में भी भारत की नीति का आधार बनी रहेगी।

Q&A Section
Q1: क्या अमेरिका ने भारतपाक संघर्ष में मध्यस्थता की थी?
भारत के अनुसार नहीं। समझ सीधे दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत से बनी।

Q2: Operation Sindoor क्यों शुरू किया गया था?
यह जम्मू-कश्मीर के आतंकी हमले के जवाब में आतंक के ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था।

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