एंजेल चकमा की मौत: FIR में खुलासा, सिर और पेट में चाकू से किया गया था हमला

देहरादून में 9 दिसंबर को हुए हमले के 17 दिन बाद छात्र एंजेल चकमा की मौत, FIR में हमले की बर्बरता के साफ संकेत

Virat
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एंजेल चकमा हत्या मामला: FIR में चाकू से हमले का खुलासा

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 9 दिसंबर को हुई हिंसक घटना अब और गंभीर सवाल खड़े कर रही है। त्रिपुरा के रहने वाले 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की इलाज के दौरान 26 दिसंबर को मौत हो गई। इस मामले में दर्ज FIR से सामने आया है कि एंजेल पर चाकू से सिर और पेट में हमला किया गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

यह घटना लगातार विवाद का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर पीड़ित पक्ष इसे नस्लीय हिंसा बता रहा है, वहीं उत्तराखंड पुलिस अब भी इसे दो पक्षों के बीच हुआ आपसी विवाद मान रही है।

कब और कैसे हुआ हमला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना 9 दिसंबर की शाम देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र में हुई। एंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ बाजार में खरीदारी करने गया था। उसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने दोनों भाइयों पर नस्लीय टिप्पणियां शुरू कर दीं और उन्हें “चाइनीज” कहकर चिढ़ाया।

बताया गया है कि आरोपी युवक नशे की हालत में थे। जब एंजेल और माइकल ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

17 दिन तक चला इलाज, फिर मौत

हमले के बाद एंजेल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 17 दिन तक इलाज चला, लेकिन 26 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया।
एंजेल के पिता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था। बाद में ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन और वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव के बाद 12 दिसंबर को FIR दर्ज की गई।

FIR में क्या सामने आया

पुलिस ने माइकल चकमा की शिकायत पर 12 दिसंबर को दोपहर 12:10 बजे FIR दर्ज की। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 118 और 351(3) लगाई गई हैं।

FIR के मुताबिक, आरोपियों ने चाकू और धातु के पंच से हमला किया। माइकल के सिर पर धातु की वस्तु से वार किया गया, जबकि एंजेल के सिर और पेट में चाकू मारा गया। हमले के बाद आरोपियों ने दोनों भाइयों को पुलिस में शिकायत न करने की धमकी भी दी।

पुलिस का पक्ष

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में एंजेल की मौत की वजह रीढ़ की हड्डी और सिर में आई गंभीर चोटें बताई गई हैं। हालांकि, अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
SSP का कहना है कि अब तक की जांच में नस्लीय हिंसा के ठोस सबूत नहीं मिले हैं और यह मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है।

अब तक की कार्रवाई

पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर छह आरोपियों की पहचान की है। इनमें से पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी यज्ञ अवस्थी फिलहाल फरार है।
पुलिस का कहना है कि उसके नेपाल भागने की सूचना मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए नेपाल में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है और 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।

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