अमेरिका ने अपनी ट्रैवल बैन नीति को और सख्त करते हुए सात और देशों को सूची में जोड़ दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 दिसंबर 2025 को एक नई उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अब कुल 39 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध या आंशिक पाबंदी लागू होगी। यह आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
यह नई घोषणा 4 जून 2025 को जारी उस आदेश का विस्तार है, जिसमें 19 देशों के कुछ नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। ताजा फैसले के तहत 19 देशों के नागरिकों पर पूरी तरह से प्रवेश निलंबन लागू होगा, जबकि 20 देशों के नागरिकों को आंशिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, फिलिस्तीनी अथॉरिटी (PA) द्वारा जारी यात्रा दस्तावेजों पर यात्रा करने वालों को भी इस दायरे में रखा गया है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जिन देशों को सूची में शामिल किया गया है, उनके बारे में दावा किया गया है कि वहां से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और वेटिंग से जुड़ी जानकारी अपर्याप्त पाई गई।
सरकार ने इस फैसले के लिए इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) की धारा 212(f) और 215(a) का हवाला दिया है, जो राष्ट्रपति को यह अधिकार देती हैं कि वे अमेरिका के हितों के खिलाफ माने जाने वाले विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा सकें या शर्तें तय कर सकें।
किन्हें छूट मिलेगी?
इस आदेश के तहत अमेरिका में पहले से शरण (Asylum) पा चुके लोगों और पहले से स्वीकृत शरणार्थियों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी। इसके अलावा, वैध स्थायी निवासियों (ग्रीन कार्ड होल्डर्स) और ऐसे दोहरी नागरिकता वाले लोग, जो प्रतिबंधित देशों के अलावा किसी अन्य देश के पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें भी छूट दी गई है।
हालांकि, जून की घोषणा के विपरीत, इस बार अमेरिकी नागरिकों के तत्काल परिजनों, गोद लेने से जुड़े मामलों और अफगान स्पेशल इमिग्रेंट वीज़ा (SIV) श्रेणी के लिए कोई सामूहिक छूट नहीं रखी गई है।
आंशिक प्रतिबंध वाले देश
आंशिक रूप से जिन देशों के नागरिकों के प्रवेश पर पाबंदी बढ़ाई गई है, उनमें अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, बुरुंडी, कोट डी’आईवोर, क्यूबा, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोगो, टोंगा, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं।
पूरी तरह प्रतिबंधित देश
1 जनवरी 2026 से जिन देशों के नागरिकों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा, उनमें अफगानिस्तान, बुर्किना फासो, म्यांमार (बर्मा), चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, माली, नाइजर, सिएरा लियोन, सोमालिया, साउथ सूडान, सूडान, सीरिया और यमन शामिल हैं। इसमें फिलिस्तीनी अथॉरिटी के यात्रा दस्तावेजों पर आने वाले लोग भी शामिल हैं।
इस नई सूची में लाओस और सिएरा लियोन को आंशिक से पूर्ण प्रतिबंध की श्रेणी में लाया गया है। वहीं, तुर्कमेनिस्तान के गैर-आप्रवासी यात्रियों पर लगी कुछ पाबंदियां हटाई गई हैं, लेकिन वहां से आने वाले प्रवासियों पर रोक बनी रहेगी।
कोई समयसीमा तय नहीं
इस आदेश की कोई समाप्ति तिथि तय नहीं की गई है। इसमें विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर 180 दिन में राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपें, ताकि यह तय किया जा सके कि प्रतिबंधों को जारी रखा जाए, बदला जाए या हटाया जाए।
कुल मिलाकर, अमेरिका का यह कदम वैश्विक यात्रा और प्रवासन पर एक बार फिर असर डालने वाला माना जा रहा है, खासकर उन देशों के नागरिकों के लिए जो पहले से कड़े वीज़ा नियमों का सामना कर रहे हैं।


