पांच दिन पहले रिटायर्ड इंडियन एयरफोर्स (IAF) कर्मी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक के बेटों ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, बेटों ने संपत्ति के लालच में अपने ही पिता की हत्या के लिए सुपारी किलर लगाए, जिनमें उत्तर प्रदेश पुलिस का एक कांस्टेबल भी शामिल है।
मृतक की पहचान 58 वर्षीय योगेश के रूप में हुई है, जो बागपत जिले के रहने वाले और एयरफोर्स से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। 26 दिसंबर को वह लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में अपने घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
लोनी के एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि योगेश अपने बेटों से घर खाली कराने की कोशिश कर रहे थे। इसी बात को लेकर बेटों के साथ उनका विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी जायदाद विवाद के चलते बेटों ने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जांच में सामने आया कि योगेश के बेटों ने पड़ोस में रहने वाले 32 वर्षीय अरविंद को सुपारी दी थी। अरविंद ने अपने बहनोई नवीन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। नवीन उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है और वर्तमान में कौशांबी जिले में तैनात है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अरविंद ने कबूल किया कि उसी और नवीन ने योगेश पर दो गोलियां चलाई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई। अरविंद को बुधवार शाम गिरफ्तार किया गया और गुरुवार को गाजियाबाद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अरविंद के पास से एक .315 बोर का देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस और इस्तेमाल किए गए कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में मृतक के दोनों बेटे और कांस्टेबल नवीन अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
यह मामला न सिर्फ एक परिवार के भीतर टूटते रिश्तों की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संपत्ति का विवाद किस हद तक इंसान को ले जा सकता है।


