बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के नवंबर में निधन के बाद जहां उनका परिवार, दोस्त और लाखों प्रशंसक शोक में डूबे रहे, वहीं एक बात ने लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचा। धर्मेंद्र के लिए अलग-अलग जगहों पर प्रार्थना सभाएं रखी गईं, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
धर्मेंद्र के बेटों सनी देओल और बॉबी देओल ने 27 नवंबर को मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में प्रार्थना सभा आयोजित की थी। इसी दिन धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी, जो इस सभा में शामिल नहीं हुईं, ने अपने घर पर गीता पाठ कराया। इसके बाद हेमा मालिनी ने अपनी बेटियों ईशा देओल और अहाना देओल के साथ 11 दिसंबर को दिल्ली में अलग से प्रार्थना सभा रखी।
इन आयोजनों को लेकर यह सवाल उठने लगे थे कि क्या धर्मेंद्र के परिवार के बीच कुछ ठीक नहीं है। इसी बीच लेखिका और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने दावा किया था कि धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी को पहली पत्नी के परिवार से अलग रखा गया।
अब एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा, “यह हमारे घर का निजी मामला है। हमने आपस में बात की है। मैंने अपने घर पर इसलिए प्रार्थना सभा रखी क्योंकि मेरे लोगों का समूह अलग है। फिर दिल्ली में इसलिए आयोजन किया क्योंकि मैं राजनीति में हूं और वहां मेरे उस क्षेत्र के दोस्त हैं।”
हेमा मालिनी ने यह भी बताया कि मथुरा उनकी संसदीय सीट है और वहां के लोग धर्मेंद्र को बेहद प्यार करते हैं, इसलिए वहां भी प्रार्थना सभा रखी गई। उन्होंने कहा कि वह अपने फैसलों से संतुष्ट हैं और उन्हें किसी तरह की सफाई देने की जरूरत महसूस नहीं होती।
धर्मेंद्र के लोनावला फार्महाउस को लेकर भी सवाल उठे कि क्या उसे प्रशंसकों के लिए म्यूजियम में बदला जा सकता है। इस पर हेमा मालिनी ने कहा कि सनी देओल इस दिशा में कुछ सोच रहे हैं और वह जरूर कुछ करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सब कुछ ठीक तरीके से हो रहा है और “दो अलग-अलग परिवार” जैसी बातों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
हेमा मालिनी ने यह भी साझा किया कि वह अब धीरे-धीरे काम पर लौट रही हैं, क्योंकि यही बात धर्मेंद्र को खुश करती। उन्होंने कहा कि जिंदगी को आगे बढ़ाना जरूरी है।
धर्मेंद्र के जाने के बाद परिवार के अलग-अलग तरीकों से उन्हें याद करने की यह तस्वीर बताती है कि शोक हर कोई अपने ढंग से मनाता है, और जरूरी नहीं कि हर फैसला बाहर से देखने वालों को तुरंत समझ में आए।


