जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के मामले में लखनऊ पुलिस ने लोकगायिका और सामाजिक कार्यकर्ता नेहा सिंह राठौर को तलब किया। शनिवार को हजरतगंज थाने में उनका बयान दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पिछले साल दर्ज मामले की जांच से जुड़ी है।
लखनऊ के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विकास कुमार जायसवाल ने बताया कि नेहा राठौर को अप्रैल 2025 में दर्ज केस के सिलसिले में बुलाया गया था। वह शाम के समय थाने पहुंचीं, जहां उनका बयान रिकॉर्ड किया गया और इसके बाद वह लौट गईं।
मामला क्या है
पुलिस के मुताबिक, नेहा सिंह राठौर पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर ऐसे वीडियो और बयान साझा किए, जिनमें पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों की मौतों को लेकर सवाल उठाए गए। यह टिप्पणियां उस हमले के बाद सामने आई थीं, जिसमें आतंकियों ने कथित तौर पर धर्म की पहचान के बाद 26 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
शिकायत किसने दर्ज कराई
यह केस हजरतगंज थाने में स्थानीय निवासी अभय प्रताप सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया है कि नेहा राठौर की पोस्ट्स से सांप्रदायिक वैमनस्य फैलने की आशंका है और इससे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा हो सकता है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना था कि इस तरह की टिप्पणियां राष्ट्रीय एकता और सार्वजनिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
किन धाराओं में मामला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर नेहा राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि बयान दर्ज करना जांच का सामान्य हिस्सा है और मामले की जांच जारी है।
नेहा सिंह राठौर अपनी राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर आधारित भोजपुरी लोकगीतों के लिए जानी जाती हैं। इस मामले को लेकर उनके समर्थकों और आलोचकों— दोनों के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा बनी हुई है।


