अमेरिका ने सीरिया में एक बार फिर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों में सीरिया के अलग-अलग इलाकों में मौजूद ISIS के ठिकानों, हथियारों और उसके ढांचों को नुकसान पहुंचाया गया है।
CENTCOM ने साफ किया कि यह कार्रवाई ISIS के नेटवर्क को कमजोर करने, भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी व साझेदार सेनाओं की सुरक्षा के मकसद से की गई है। बयान में कहा गया है कि अमेरिका उन लोगों का पीछा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उसके नागरिकों या सैनिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
हाल के दिनों में दूसरी कार्रवाई
यह हालिया समय में दूसरी बार है, जब अमेरिका ने सीरिया में ISIS के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इससे पहले 20 दिसंबर, 2025 को भी अमेरिकी सेना ने इसी तरह का ऑपरेशन चलाया था। उस वक्त अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सख्त लहजे में कहा था कि अगर कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
उस ऑपरेशन में F-15 ईगल और A-10 थंडरबोल्ट जैसे लड़ाकू विमानों के साथ AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया था।
United States carried out major airstrikes against the Islamic State militant group in Syria on Saturday, following up on even larger retaliatory attacks last month to avenge the deaths of two US Army soldiers and a US civilian interpreter killed in a terrorist attack in the… pic.twitter.com/yXzSjc2Jy2
— Deccan Herald (@DeccanHerald) January 11, 2026
इन कार्रवाइयों की पृष्ठभूमि में 13 दिसंबर, 2025 को मध्य सीरिया के पल्मायरा में हुआ हमला भी अहम माना जा रहा है। उस हमले में अमेरिका और सीरिया के सैनिकों को निशाना बनाया गया था। गोलीबारी में सीरियाई सुरक्षा बलों के दो जवानों के साथ कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे। बाद में दो अमेरिकी सैनिकों और एक दुभाषिए की मौत की पुष्टि हुई थी। हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया था, और उसका संबंध ISIS से बताया गया था।
इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर बदला लेने की बात कही थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि सीरिया में ISIS के ठिकानों पर जोरदार कार्रवाई की जा रही है और आतंकियों को चेतावनी दी थी कि अमेरिका पर किसी भी तरह का हमला भारी पड़ेगा।
कुल मिलाकर, अमेरिका का संदेश साफ है— सीरिया में ISIS के खिलाफ सैन्य दबाव बनाए रखा जाएगा और किसी भी खतरे का जवाब तुरंत और सख्ती से दिया जाएगा।


