शुक्रवार को सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली। डॉलर के मजबूत होने का असर सोने पर पड़ा, हालांकि महीने के लिहाज से तस्वीर बिल्कुल अलग है। जनवरी में अब तक सोना 24% से ज्यादा चढ़ चुका है और लगातार छठे महीने बढ़त की ओर है। यह जनवरी 1980 के बाद का सबसे बड़ा मासिक उछाल माना जा रहा है।
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख किया है, जिससे कीमतों को मजबूत सहारा मिला।
रिकॉर्ड के बाद हल्की गिरावट
स्पॉट गोल्ड शुक्रवार को 0.9% गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे एक दिन पहले ही सोना 5,594.82 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था।
वहीं फरवरी डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.3% बढ़कर 5,390.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे।
चांदी की ऐतिहासिक छलांग
चांदी में भी जबरदस्त तेजी रही है। स्पॉट सिल्वर 0.2% की गिरावट के साथ 115.83 डॉलर प्रति औंस पर रहा, लेकिन गुरुवार को यह 121.64 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका था।
जनवरी में अब तक चांदी 62% चढ़ चुकी है और यह इसका अब तक का सबसे बेहतरीन मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
डॉलर और फेड की भूमिका
डॉलर इंडेक्स में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें यथावत रखने के फैसले से समर्थन मिला। हालांकि डॉलर साप्ताहिक आधार पर लगातार दूसरी गिरावट की ओर है।
फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने कहा कि दिसंबर में महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य से ऊपर रही।
अमेरिका से आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साप्ताहिक बेरोजगारी दावों में गिरावट आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि छंटनी अभी सीमित है, हालांकि कमजोर हायरिंग के चलते लेबर मार्केट को लेकर चिंता बनी हुई है।
वैश्विक तनाव और मांग
ईरान को लेकर अमेरिका की संभावित रणनीतियों पर चर्चाएं, और मध्य पूर्व में जारी तनाव ने भी सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत किया है।
इसी बीच स्विट्जरलैंड से सोने के निर्यात में दिसंबर में महीने-दर-महीने 27% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास तौर पर ब्रिटेन को भेजी गई खेप अगस्त 2019 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची।
बड़े बैंक का अनुमान
UBS ने सोने के दाम को लेकर अपना अनुमान बढ़ाते हुए मार्च, जून और सितंबर 2026 के लिए लक्ष्य 6,200 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। इससे पहले यह अनुमान 5,000 डॉलर था। बैंक ने बढ़ी हुई निवेश मांग को इसकी बड़ी वजह बताया है।
अन्य कीमती धातुएं
प्लैटिनम 0.9% गिरकर 2,606.15 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि इससे पहले यह 2,918.80 डॉलर का रिकॉर्ड बना चुका था।
पैलेडियम में 0.5% की तेजी रही और यह 2,016.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
कुल मिलाकर, भले ही डॉलर की मजबूती से सोने में दिन के स्तर पर दबाव दिखा हो, लेकिन जनवरी का महीना कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक साबित होता नजर आ रहा है।


