अंडर-19 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। हरारे में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 310 रन का बड़ा लक्ष्य 42वें ओवर में हासिल कर लिया। यह अंडर-19 विश्व कप इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ है।
अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 310 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव को अच्छे से संभाला और पूरे आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य हासिल किया।
अफगानिस्तान की मजबूत पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगान टीम को उस्मान सदात (39) और खालिद अहमदजई (31) ने संतुलित शुरुआत दिलाई। इसके बाद फैसल शिनोजादा और उजैरुल्लाह नियाजई ने पारी को पूरी तरह संभाल लिया।
शिनोजादा ने 93 गेंदों में 110 रन बनाए, जिसमें 15 छक्के शामिल रहे। वहीं नंबर चार पर उतरे नियाजई ने 86 गेंदों में नाबाद 101 रन की पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 148 रन जोड़ते हुए अफगानिस्तान को 300 के पार पहुंचाया।
भारत की आक्रामक शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। वैभव सूर्यवंशी ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। वह 33 गेंदों में 68 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद कप्तान आयुष म्हात्रे और सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज ने पारी को संभाल लिया। दोनों के बीच अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
आरोन जॉर्ज की मैच जिताऊ पारी
आरोन जॉर्ज ने हरारे की अच्छी बल्लेबाजी पिच पर संयम और आक्रामकता का सही संतुलन दिखाया। उन्होंने 52 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर 95 गेंदों में शतक जड़ा।

जॉर्ज ने वैभव सूर्यवंशी के साथ पहले विकेट के लिए 90 रन और आयुष म्हात्रे के साथ 114 रन की साझेदारी की। वह 104 गेंदों में 115 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में 15 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
कप्तान म्हात्रे ने 59 गेंदों में 62 रन बनाए, जबकि अंत में विहान मल्होत्रा 38 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाई।
फाइनल में इंग्लैंड से मुकाबला
इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 विश्व कप में 10वीं बार फाइनल में जगह बनाई है। खिताबी मुकाबला 6 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेला जाएगा। इंग्लिश टीम ने पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था।
भारत अब टूर्नामेंट के इतिहास में अपना छठा खिताब जीतने की कोशिश करेगा। इससे पहले भारत मोहम्मद कैफ (2000), विराट कोहली (2008), उन्मुक्त चंद (2012), पृथ्वी शॉ (2018) और यश ढुल (2022) की कप्तानी में विश्व विजेता बन चुका है।


