अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला एक बार फिर बोला। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस बड़े मैच में उन्होंने 55 गेंदों में शतक जड़ दिया। यह इस टूर्नामेंट में उनका पहला शतक रहा, लेकिन असर और अहमियत दोनों लिहाज से यह पारी खास मानी जाएगी।
इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव ने 33 गेंदों में 68 रन बनाए थे। फाइनल में भी उन्होंने उसी आक्रामक अंदाज को बरकरार रखा और दबाव वाले मुकाबले में अपनी टीम के लिए मजबूत आधार तैयार किया।
शुरुआती झटके के बाद संभाली पारी
भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। पहला विकेट सिर्फ 20 रन के स्कोर पर गिर गया, जब आरोन जॉर्ज 9 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयूष म्हात्रे के साथ मिलकर पारी को संभाला।
वैभव ने शुरुआत में खुद को समय दिया। उन्होंने 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर गियर बदल दिया। इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते हुए उन्होंने जल्द ही अपना शतक पूरा कर लिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था।
छक्कों का रिकॉर्ड वैभव के नाम
इस शतकीय पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
अब तक यह रिकॉर्ड डेवाल्ड ब्रेविस और फिन एलन के नाम था, जिन्होंने 18-18 छक्के लगाए थे। वैभव ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए अपने छक्कों की संख्या 20 से ऊपर पहुंचा दी है। इसके साथ ही वह अंडर-19 क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।
फाइनल में सबसे तेज शतक
वैभव सूर्यवंशी का यह शतक सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अंडर-19 विश्व कप फाइनल के इतिहास का सबसे तेज शतक भी लगाया।
अब तक भारत की ओर से फाइनल में सिर्फ दो बल्लेबाजों ने शतक लगाए हैं—मनजोत कालरा और उन्मुक्त चन्द। वैभव इस खास सूची में तीसरे भारतीय बन गए हैं।
वहीं, पूरे टूर्नामेंट इतिहास की बात करें तो यह दूसरा सबसे तेज शतक रहा। सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विल मलाज्चुक के नाम है, जिन्होंने जापान के खिलाफ 51 गेंदों में शतक लगाया था।
यूथ करियर में लगातार प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी के यूथ करियर के आंकड़े भी उनकी निरंतरता को दिखाते हैं। उन्होंने अब तक 25 मुकाबले खेले हैं और 25 पारियों में 56 से ज्यादा की औसत से 1,300 से अधिक रन बनाए हैं।
उनके नाम 4 शतक और 7 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 171 रन रहा है। खास बात यह है कि इंग्लैंड अंडर-19 टीम के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। 6 पारियों में उन्होंने 95 से ज्यादा की औसत से 450 से अधिक रन बनाए हैं।
फाइनल जैसे बड़े मंच पर इस तरह का प्रदर्शन वैभव सूर्यवंशी के लिए यादगार रहेगा और अंडर-19 विश्व कप के इस मुकाबले को लंबे समय तक चर्चा में रखेगा।


