मणिपुर में जातीय हिंसा एक बार फिर सामने आ गई है। उखरुल जिले के लिटान गांव में मंगलवार तड़के गोलीबारी और कई घरों में आग लगाए जाने की घटनाएं हुई हैं। इसके बाद पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल है। हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले रविवार रात भी लिटान गांव में 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिख रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों ने गांव और आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया है।
नागा बहुल इलाके में कैसे बढ़ा तनाव
पुलिस के अनुसार, एक दिन पहले नागा समुदाय के एक युवक पर हुए हमले के बाद हालात बिगड़ने लगे। इसके बाद तांगखुल नागा के दो संगठनों ने उखरुल और कामजोंग जिलों में कुकी समुदाय की आवाजाही पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया। इसी पृष्ठभूमि में लिटान सारेइखोंग इलाके में गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं हुईं।
आगजनी में तांगखुल नागा समुदाय के 21 घर, कुकी-ज़ो समुदाय के 3 घर और कुछ सरकारी आवास जलकर नष्ट हो गए हैं। घटना के बाद से आसपास के कुकी-बहुल गांवों से लोग डर के चलते सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।
इंटरनेट सेवाएं बंद, शांति की कोशिशें नाकाम
तनाव को देखते हुए मणिपुर सरकार ने उखरुल के राजस्व क्षेत्र में ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वी-सैट से चलने वाली इंटरनेट सेवाओं को पांच दिन के लिए बंद कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों और भड़काऊ सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
The burning of houses at Litan, ukhrul district !!!
🆘 Help restore peace and normalcy🆘
This is the same that happened at Torbung , when several kuki mobs burnt the village stating the tragic #ManipurViolence
Manipur has seen enough of violence especially to advanced… pic.twitter.com/CGHgI9yXJW
— TheBlueHills (@TheBlueHills49) February 8, 2026
इससे पहले सोमवार को लिटान पुलिस थाने में उपमुख्यमंत्री एल. डिखो की मौजूदगी में एक जनसभा आयोजित की गई थी। इसमें दोनों समुदायों के नेता, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में शांति बनाए रखने की अपील की गई थी, लेकिन जमीनी हालात में इसका असर फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है।
कर्फ्यू लागू, हालात पर कड़ी नजर
उखरुल जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रविवार शाम 7 बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया है। अगले आदेश तक किसी को भी घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि अब तक मैतेई और कुकी-जो समुदाय के बीच जारी हिंसा में नगा समुदाय आमतौर पर तटस्थ रहा है। लेकिन शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात में नागा युवक पर हमले के बाद इलाके में तनाव तेजी से बढ़ा और हिंसा की यह नई कड़ी सामने आई।


