भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए इसे ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में बदलने का फैसला किया है। मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक के बाद यह घोषणा की गई।
बैठक में रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, हेल्थ, स्किलिंग और निवेश जैसे क्षेत्रों में कुल 21 महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक हालात के इस दौर में यह साझेदारी “वैश्विक स्थिरता और प्रगति” में योगदान देगी। वहीं मैक्रों ने भारत को फ्रांस का “सबसे भरोसेमंद साझेदारों में से एक” बताया।
रक्षा सहयोग को नया विस्तार
दोनों नेताओं ने कर्नाटक में टाटा-एयरबस के H125 हेलिकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया।
मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर दुनिया का एकमात्र ऐसा हेलिकॉप्टर भारत में बनाएंगे, जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और जिसे वैश्विक बाजार में निर्यात भी किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस परियोजना से
- भारत की एयरोनॉटिकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी
- स्किलिंग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- आत्मनिर्भर भारत को गति मिलेगी
पहला ‘मेड इन इंडिया’ H125 हेलिकॉप्टर 2027 की शुरुआत में डिलीवर होने की उम्मीद है।
रक्षा क्षेत्र में अन्य फैसलों में शामिल हैं:
- रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण
- BEL और Safran के बीच भारत में हैमर मिसाइल निर्माण के लिए संयुक्त उपक्रम
- भारतीय सेना और फ्रांसीसी लैंड फोर्सेज में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती
- क्रिटिकल और उभरती तकनीकों पर संयुक्त एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप का गठन
टेक्नोलॉजी और AI पर साझा पहल
बैठक के दौरान तीन प्रमुख संस्थानों की शुरुआत की गई:
- इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर AI इन हेल्थ (AIIMS, नई दिल्ली)
- इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी
- एरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र
मोदी ने कहा कि ये सिर्फ संस्थान नहीं, बल्कि “भविष्य निर्माण के प्लेटफॉर्म” हैं।
इसके अलावा:
- इंडिया-फ्रांस इनोवेशन ईयर और इनोवेशन नेटवर्क की शुरुआत
- स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग के लिए T-Hub और Nord France के बीच लेटर ऑफ इंटेंट
- वैज्ञानिक सहयोग के लिए समझौता
- संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में R&D सहयोग
क्रिटिकल मिनरल्स और आर्थिक सहयोग
दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स और मेटल्स में सहयोग के लिए संयुक्त घोषणा की। यह वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा:
- डबल टैक्स अवॉयडेंस एग्रीमेंट (DTAA) प्रोटोकॉल में संशोधन
- नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग समझौते का नवीनीकरण
- मेटाबोलिक हेल्थ साइंसेज सेंटर की स्थापना
कूटनीतिक ढांचा भी मजबूत
नई उन्नत साझेदारी के तहत:
- हर साल विदेश मंत्रियों के बीच वार्षिक संवाद होगा
- Horizon 2047 रोडमैप की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे द्विपक्षीय रिश्तों को “नई उड़ान” देने वाला कदम बताया।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में संदेश
मैक्रों ने कहा कि दोनों देश कानून के शासन में विश्वास रखते हैं और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जारी रहेगा।
मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस की दोस्ती “गहरे समुद्र से लेकर सबसे ऊंचे पहाड़ तक” फैली है—यह साझेदारी सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक भरोसे पर आधारित है।
क्यों अहम है यह फैसला?
- रक्षा निर्माण में स्थानीयकरण को बढ़ावा
- AI और उभरती तकनीकों में संस्थागत सहयोग
- क्रिटिकल मिनरल्स जैसी संवेदनशील सप्लाई चेन में साझेदारी
- वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दीर्घकालिक कूटनीतिक तालमेल
यह उन्नयन सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है। आने वाले वर्षों में यह तय करेगा कि दोनों देश वैश्विक शक्ति-संतुलन, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा के नए ढांचे में कैसे साथ खड़े रहते हैं।


