उड़ानों के दौरान बढ़ती अनुशासनहीनता पर सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान में अभद्र या खतरनाक व्यवहार करने वाले यात्रियों के खिलाफ नए नियमों का मसौदा जारी किया है। मकसद साफ है—सुरक्षा और अनुशासन पर किसी तरह की ढिलाई नहीं।
DGCA ने इसे ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है, ताकि विमान, यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चार श्रेणियां, अलग-अलग सजा
मसौदे में अनुशासनहीनता को चार श्रेणियों में बांटकर प्रतिबंध की अवधि तय करने का प्रस्ताव है:
- मौखिक दुर्व्यवहार या नशे में उत्पात – अधिकतम 3 महीने तक प्रतिबंध
- शारीरिक हिंसा (धक्का, लात, मारपीट, अनुचित स्पर्श) – अधिकतम 6 महीने तक प्रतिबंध
- जानलेवा या बेहद खतरनाक हरकतें – 2 साल या उससे अधिक का प्रतिबंध
- कॉकपिट में घुसने की कोशिश जैसे गंभीर मामले – 2 साल या उससे अधिक का प्रतिबंध
इस ढांचे से स्पष्ट है कि सजा की अवधि व्यवहार की गंभीरता के अनुसार तय होगी।
कुछ मामलों में तुरंत 30 दिन का बैन
प्रस्ताव के मुताबिक, हर एयरलाइन को ऐसी घटनाओं से निपटने और रिपोर्टिंग के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करनी होगी। सामान्य परिस्थितियों में एक स्वतंत्र समिति—जिसमें दूसरी एयरलाइन का प्रतिनिधि भी शामिल होगा—उड़ान प्रतिबंध पर फैसला करेगी।
हालांकि, गंभीर मामलों में एयरलाइन को सीधे 30 दिन तक का प्रतिबंध लगाने की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है।
DGCA ने इन नए नियमों पर 16 मार्च तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।
विदेशी एयरलाइंस पर भी लागू
ये नियम केवल भारतीय एयरलाइंस तक सीमित नहीं होंगे। भारत से आने-जाने वाली सभी उड़ानों पर, चाहे वह विदेशी एयरलाइन ही क्यों न हो, यह व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है।
फिलहाल लागू नियमों के तहत एयरलाइन अधिकतम 45 दिन तक किसी यात्री को प्रतिबंधित कर सकती है। नए प्रस्ताव में इसे व्यवहार की गंभीरता के अनुसार 2 साल या उससे अधिक तक बढ़ाने की बात है।
किन हरकतों पर होगी कार्रवाई?
DGCA ने एयरलाइंस को सुझाव दिया है कि टर्मिनल पर अनुशासन से जुड़े नियम प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं। मसौदे में जिन कृत्यों को कार्रवाई योग्य बताया गया है, उनमें शामिल हैं:
- नशे में दुर्व्यवहार
- विमान में धूम्रपान या ई-सिगरेट का उपयोग
- चालक दल के निर्देशों का पालन न करना
- नारेबाजी या विरोध प्रदर्शन
- विमान से छेड़छाड़
स्पष्ट संकेत है कि उड़ान के दौरान अव्यवस्था अब केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लंबी अवधि के प्रतिबंध में बदल सकती है।


