Sanju Samson पर भरोसा सही साबित, बोले गंभीर

Virat
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Sanju Samson

टी20 वर्ल्ड कप के अहम मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन की नाबाद 97 रन की पारी ने भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। मैच के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने साफ कहा कि टीम को पहले से भरोसा था कि मौका मिलने पर सैमसन जरूर प्रदर्शन करेंगे।

गंभीर ने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज सैमसन के लिए मुश्किल रही थी। ऐसे दौर में खिलाड़ी को थोड़ा ब्रेक देना जरूरी होता है, ताकि वह दबाव से बाहर आ सके। उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट को विश्वास था कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर सैमसन अपनी भूमिका निभाएंगे।

शुरुआती भरोसा, बीच में बदलाव

टूर्नामेंट से पहले जब दिसंबर में टीम घोषित हुई थी, तब सैमसन को पहली पसंद ओपनर और विकेटकीपर के तौर पर चुना गया था। उस समय उन्होंने शुबमन गिल को पीछे छोड़ा था। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में कम स्कोर और ईशान किशन की फॉर्म ने समीकरण बदल दिए।

इसके बाद ईशान किशन को ओपनिंग और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी मिली। सैमसन को टूर्नामेंट में दो मैच खेलने का मौका मिला—पहला नामीबिया के खिलाफ, जब अभिषेक शर्मा अस्पताल में थे, और दूसरा सुपर एट्स में जिम्बाब्वे के खिलाफ, जहां भारत ने दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद वापसी की।

नॉर्मल शॉट्स’, बिना जल्दबाजी की पारी

वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला लगभग नॉकआउट जैसा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 196 रन का बड़ा लक्ष्य रखा। भारत ने इसे हासिल कर टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया।

सैमसन ने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। इस पारी के साथ उन्होंने रन चेज में भारत की ओर से सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाकर विराट कोहली का रिकॉर्ड भी पार किया।

गंभीर ने खास तौर पर उनकी बल्लेबाजी के तरीके की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सैमसन ने पारी को जबरदस्ती तेज करने की कोशिश नहीं की। वे सामान्य क्रिकेटिंग शॉट खेलते रहे और गेंद को ताकत से मारने के बजाय टाइमिंग पर भरोसा किया। गंभीर के शब्दों में, यही उनकी असली प्रतिभा है।

टीम का भरोसा और खिलाड़ी का जवाब

गंभीर ने सैमसन को विश्वस्तरीय खिलाड़ी बताते हुए कहा कि बात सिर्फ उन्हें समर्थन देने की थी। टीम को जब उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, उन्होंने अपनी पूरी क्षमता दिखा दी।

यह पारी सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी। इससे टीम को टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का मौका मिला और सैमसन के लिए भी यह बड़ा आत्मविश्वास देने वाला क्षण साबित हुआ।

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