ईरान युद्ध के बीच तेल 110 डॉलर पार, बाजार में घबराहट

अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से वैश्विक बाजार दबाव में; तेल महंगा, डाउ फ्यूचर्स 1000 अंक से ज्यादा गिरा

Virat
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ईरान युद्ध से तेल 110 डॉलर पार, बाजार में गिरावट

अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर दिखाने लगा है। युद्ध शुरू हुए एक हफ्ते से थोड़ा ज्यादा समय हुआ है, लेकिन बाजारों में यह संकेत मिल रहा है कि निवेशक इसे लंबा खिंचने वाला टकराव मानकर चल रहे हैं।

तेल की कीमतों में तेज उछाल इसका सबसे बड़ा संकेत है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत करीब 24.6% बढ़कर 113.30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि ब्रेंट क्रूड 114.38 डॉलर प्रति बैरल पर चला गया। 2022 के बाद पहली बार तेल 100 डॉलर से ऊपर गया है।

इस तेजी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर जा सकती है।

बाजार में बड़ी गिरावट

युद्ध से बढ़ती अनिश्चितता का असर शेयर बाजार पर भी दिखा।

  • डाउ जोंस फ्यूचर्स: 1,011 अंक (करीब 2.13%) की गिरावट
  • S&P 500 फ्यूचर्स: 2.01% नीचे
  • नैस्डैक फ्यूचर्स: 2.31% गिरावट

इस बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जबकि सोना और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। वहीं 10-साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.198% तक पहुंच गई, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का असर

सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जिसे फिलहाल प्रभावी रूप से बंद माना जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है।

इस रास्ते से तेल निर्यात रुकने के कारण खाड़ी देशों के कई उत्पादकों को उत्पादन घटाना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक इराक का उत्पादन करीब 60% तक गिर गया है।

बुनियादी ढांचे पर हमले

युद्ध के दौरान दोनों पक्ष अब अहम ढांचों को निशाना बना रहे हैं।

  • बहरीन और ईरान ने कहा कि उनके डिसैलिनेशन प्लांट (समुद्री पानी से मीठा पानी बनाने वाले संयंत्र) पर हमले हुए हैं।
  • कुछ खाड़ी देशों में 90% तक पानी की आपूर्ति इसी व्यवस्था से होती है, इसलिए इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।

इधर अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान में एक तेल डिपो पर हमला किया, जिससे शहर के ऊपर धुएं का गुबार फैल गया। वहीं ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आई हैं, जिनमें तेल और नागरिक ढांचे को निशाना बनाया गया।

युद्ध में बढ़ती सैन्य गतिविधि

अमेरिकी रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि युद्ध में सातवें अमेरिकी सैनिक की मौत हो चुकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक संभावित स्पेशल फोर्स मिशन पर भी विचार कर रहे हैं। इसमें अमेरिकी सैनिक ईरान के भीतर जाकर लगभग बम-स्तर के संवर्धित यूरेनियम को कब्जे में लेने की कोशिश कर सकते हैं।

क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा

इस बीच मध्य पूर्व में तनाव और फैलने के संकेत भी मिल रहे हैं।

  • खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमले जारी रहे तो वे सीधे कार्रवाई कर सकते हैं।
  • तुर्की उत्तरी साइप्रस में लड़ाकू विमान भेज सकता है।
  • वहीं रूस के ईरान को अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी देने की खबरें भी सामने आई हैं।

ईरान ने इसी दौरान एक और बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। देश ने घोषणा की है कि मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को अगला सर्वोच्च नेता बनाया जाएगा। इसे ईरान की सियासत में कट्टरपंथी धड़े के मजबूत होने का संकेत माना जा रहा है।

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