तेल संकट की आशंका: होरमुज़ जलडमरूमध्य पर असर से वैश्विक बाजार चिंतित

तेल संकट की आशंका: होरमुज़ जलडमरूमध्य पर असर से वैश्विक बाजार चिंतित

Virat
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होरमुज़ संकट: तेल सप्लाई पर खतरा, कीमतें उछली

मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ लगभग ठप जैसी स्थिति में पहुंच गया है। इसके चलते तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है और बाजारों में एक बड़े ऊर्जा संकट की आशंका जताई जा रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञ और एसएंडपी ग्लोबल के उपाध्यक्ष डेनियल यर्गिन ने चेतावनी दी है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो यह इतिहास में तेल उत्पादन की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है। उनके अनुसार, सबसे बड़ा डर यह है कि लंबा युद्ध तेल की कीमतों को बहुत ऊपर ले जाए और वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरी मंदी की ओर धकेल दे।

सप्लाई चेन पर तुरंत असर

पिछले एक सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 36 प्रतिशत तक उछाल आ चुका है। ईरान द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के बाद यह मार्ग लगभग बंद जैसा हो गया है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है।

नतीजा यह हुआ कि खाड़ी क्षेत्र के कई बड़े तेल उत्पादक देशों को उत्पादन कम करना पड़ा है, क्योंकि निर्यात रुकने से स्टोरेज क्षमता भरने लगी है।

  • इराक ने उत्पादन लगभग 60% घटाकर 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से 1.7–1.8 मिलियन बैरल कर दिया है।
  • कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने भी उत्पादन कम किया है।

एलएनजी बाजार में भी झटका

इस तनाव का असर गैस बाजार पर भी पड़ा है। कतर को एलएनजी उत्पादन कम करना पड़ा है। इसके कारण:

  • एशिया में स्पॉट एलएनजी कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं
  • यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतें करीब 50% बढ़ गई हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है या तेल ढांचे को गंभीर नुकसान होता है तो ऊर्जा आपूर्ति में लंबे समय तक कमी की आशंका बढ़ सकती है।

तेल ढांचे पर हमलों की आशंका

ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों के तेल ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश भी की है, हालांकि अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं है। दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल की हवाई कार्रवाई में तेहरान के पास स्थित एक बड़े रिफाइनरी परिसर को नुकसान पहुंचा है, जो देश की नागरिक और सैन्य जरूरतों के लिए ईंधन आपूर्ति करता है।

बाजार अभी भी ‘सबसे खराब स्थिति’ से दूर

फिलहाल ब्रेंट क्रूड लगभग 92.69 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लगभग 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर होरमुज़ पूरी तरह बंद हो गया तो कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं।

डेनियल यर्गिन का कहना है कि मौजूदा कीमतें अभी सबसे खराब स्थिति नहीं हैं, लेकिन दुनिया तेल उत्पादन में इतिहास के सबसे बड़े व्यवधान और गैस बाजार में तेज झटके का सामना कर रही है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि यह युद्ध कितने समय तक चलता है।

जहाजों की सुरक्षा भी चुनौती

अमेरिका ने तेल टैंकरों के लिए 20 अरब डॉलर का री-इंश्योरेंस प्रोग्राम और नौसेना की सुरक्षा देने की घोषणा की है। लेकिन कई विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद कठिन होगा।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईरान के ड्रोन हमलों में से एक भी जहाज को निशाना बना लेता है, तो मौजूदा संकट अचानक बड़े वैश्विक तेल झटके में बदल सकता है।

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