AI स्कैम का नया खतरा: 2026 में मशीन-टू-मशीन फ्रॉड बन सकता है सबसे बड़ी चुनौती

उपभोक्ताओं को पिछले साल 12.5 अरब डॉलर का नुकसान, Experian ने दी चेतावनी

Virat
Virat
By
5 Min Read
AI फ्रॉड का खतरा: 2026 में बढ़ेगा मशीन-टू-मशीन स्कैम

पिछले साल उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी के मामलों में करीब 12.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। अब चेतावनी यह है कि 2026 में यह खतरा और जटिल होने वाला है। क्रेडिट रिपोर्टिंग कंपनी Experian के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नए टूल्स फ्रॉड की दुनिया को तेजी से बदल रहे हैं और आने वाला साल कंपनियों के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

Experian की 2026 Future of Fraud Forecast रिपोर्ट में सबसे बड़े खतरे के तौर पर जिस बात को चिन्हित किया गया है, उसे कंपनी ने नाम दिया है – “machine-to-machine mayhem”। मतलब, ऐसे हालात जहां एक ही सिस्टम में अच्छे और बुरे, दोनों तरह के AI बॉट्स घुल-मिल जाएंगे और फर्क करना मुश्किल हो जाएगा।

जब ‘अच्छे’ और ‘बुरे’ बॉट में फर्क करना हो जाए मुश्किल

आज कई लोग AI टूल्स के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग जैसी सुविधाएं इस्तेमाल कर रहे हैं। समस्या तब खड़ी होती है जब वही तकनीक साइबर अपराधी भी इस्तेमाल करने लगें। Experian की नॉर्थ अमेरिका यूनिट में फ्रॉड और आइडेंटिटी से जुड़ी इनोवेशन की प्रमुख कैथलीन पीटर्स कहती हैं कि अब सिर्फ यह पहचानना काफी नहीं है कि ट्रैफिक बॉट से आ रहा है या नहीं। असली सवाल यह है कि
क्या वह बॉट उपभोक्ता की अनुमति से काम कर रहा है या किसी धोखेबाज़ के इरादे से?

कंपनियों के लिए चुनौती इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि एक ही तरह का बॉट कभी उपभोक्ता की तरफ से खरीदारी कर सकता है और कभी फ्रॉड के लिए इस्तेमाल हो सकता है।

कम शिकायतें, लेकिन ज्यादा नुकसान

रिपोर्ट में एक और अहम संकेत मिलता है।
2024 से 2025 के बीच फ्रॉड की शिकायतों की संख्या करीब 23 लाख सालाना पर स्थिर रही, लेकिन नुकसान की रकम 25% तक बढ़ गई। लगभग 60% कंपनियों ने माना कि उनके फ्रॉड से जुड़े घाटे बढ़े हैं।
इसका मतलब साफ है—घोटाले कम नहीं हुए, बल्कि ज्यादा असरदार हो गए हैं

जुलाई में जारी एक अलग सर्वे में Experian ने बताया कि 72% बिज़नेस लीडर्स AI-आधारित फ्रॉड और डीपफेक को अपनी सबसे बड़ी ऑपरेशनल चुनौतियों में गिनते हैं।

ई-कॉमर्स और AI एजेंट्स: सुविधा या सिरदर्द?

Experian का मानना है कि 2026 वह दौर होगा जब AI से जुड़े फ्रॉड पर जवाबदेही और रेगुलेशन को लेकर गंभीर चर्चा शुरू होगी।
पीटर्स के मुताबिक, कंपनियां चाहेंगी कि उपभोक्ताओं के लिए सुविधा बनी रहे, लेकिन यह सुविधा कहीं अपराधियों के लिए शॉर्टकट न बन जाए।

कुछ कंपनियां पहले ही सख्ती दिखा रही हैं। Amazon जैसे प्लेटफॉर्म थर्ड-पार्टी AI बॉट्स को ब्राउज़िंग और शॉपिंग से रोकते रहे हैं और सुरक्षा व प्राइवेसी का हवाला देते हैं।
लेकिन जैसे-जैसे उपभोक्ता AI एजेंट्स को खुद खरीदारी की अनुमति देने लगेंगे, रिटेलर्स को यह तय करना होगा कि:

  • क्या ग्राहक ने वाकई एजेंट को इजाज़त दी है
  • एजेंट ग्राहक की मंशा के मुताबिक काम कर रहा है या नहीं
  • खरीद की अनुमति है या सिर्फ ब्राउज़िंग की
  • और सबसे अहम, बॉट के पीछे असली ग्राहक है या कोई और फ्रॉड करने वाला

रिमोट वर्क में डीपफेक कर्मचारियों का खतरा

Experian की रिपोर्ट में दूसरा बड़ा खतरा डीपफेक कैंडिडेट्स को बताया गया है।
पहले ही FBI और अमेरिकी न्याय विभाग चेतावनी दे चुके हैं कि कुछ मामलों में नकली पहचान और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर लोग रिमोट जॉब्स हासिल कर रहे हैं।

जैसे-जैसे AI टूल्स बेहतर होंगे, इंटरव्यू में असली और नकली उम्मीदवार के बीच फर्क करना और मुश्किल हो सकता है। Experian का कहना है कि कंपनियां अनजाने में ऐसे कर्मचारियों को सिस्टम एक्सेस दे सकती हैं, जो असल में वहीं के लिए खतरा बन जाएं।

2026 में उभरने वाले तीन और खतरे

Experian ने 2026 के लिए तीन और ट्रेंड्स की ओर इशारा किया है:

  • स्मार्ट होम डिवाइस जैसे वर्चुअल असिस्टेंट और स्मार्ट लॉक, नए सुरक्षा छेद खोल सकते हैं
  • वेबसाइट क्लोनिंग, जहां AI से फर्जी वेबसाइट बनाना और आसान होगा
  • इमोशनल AI बॉट्स, जो रोमांस या परिवार से जुड़े स्कैम बेहद विश्वसनीय तरीके से अंजाम देंगे

पीटर्स का कहना है कि AI ने सिर्फ कंपनियों के लिए नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए भी टूल्स को आसान बना दिया है। कम तकनीकी जानकारी वाले लोग भी अब बड़े पैमाने पर ज्यादा भरोसेमंद स्कैम चला पा रहे हैं।

VIA:fortune
Share This Article
Leave a Comment