दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी Amazon एक और बड़ी छंटनी की तैयारी में है। कंपनी अगले हफ्ते से करीब 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है — यह Amazon के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी बताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह कदम AI आधारित पुनर्गठन (AI-driven restructuring) और खर्चों में कटौती की रणनीति का हिस्सा है।
मुख्य तथ्य
- Amazon 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की करेगी छंटनी, अब तक की सबसे बड़ी कटौती।
- कर्मचारियों को मंगलवार सुबह ईमेल के ज़रिए जानकारी दी जाएगी।
- CEO एंडी जेसी ने इसे “ब्यूरोक्रेसी घटाने का कदम” बताया।
- छंटनी का असर AWS, HR, डिवाइस और ऑपरेशन्स विभागों पर पड़ेगा।
- कंपनी पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की लागत निकालने का दबाव।
Amazon में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी की तैयारी चल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी आने वाले मंगलवार से करीब 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी शुरू करेगी। यह Amazon के इतिहास की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट लेऑफ मानी जा रही है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को ईमेल के ज़रिए सूचित किया जाएगा, और प्रभावित टीमों के मैनेजरों को पहले ही एक दिन का ट्रेनिंग सेशन दिया गया है कि वे इस स्थिति को कैसे संभालें। फिलहाल Amazon ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन CNBC और Reuters की रिपोर्ट्स ने इसकी पुष्टि की है।
कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पूरी टेक इंडस्ट्री AI-आधारित पुनर्गठन और लागत घटाने के दौर से गुजर रही है। Amazon के CEO एंडी जेसी (Andy Jassy) ने हाल ही में कहा था कि “कंपनी में अनावश्यक प्रक्रियाओं को खत्म करना और दक्षता बढ़ाना जरूरी है।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक अनाम शिकायत लाइन (anonymous complaint line) शुरू की है, जिसके जरिए अब तक 1,500 से अधिक सुझाव मिले हैं और 450 प्रक्रियाओं में सुधार किया गया है।
कौन होंगे प्रभावित?
Amazon की यह छंटनी मुख्यतः कॉर्पोरेट डिवीज़न को प्रभावित करेगी, जिसमें People Experience & Technology (PXT), Amazon Web Services (AWS), डिवाइस और सर्विसेज़, और ऑपरेशन्स शामिल हैं। कंपनी के कुल 1.54 मिलियन कर्मचारियों में से लगभग 3.5 लाख कॉर्पोरेट वर्कर्स हैं, जिनमें से करीब 10% प्रभावित हो सकते हैं।
AI के बढ़ते असर के बीच छंटनी
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम Amazon के AI-आधारित स्वचालन (automation) के बढ़ते प्रभाव का परिणाम है। कंपनी पिछले दो वर्षों से अपने ऑपरेशन्स को ऑटोमेट करने पर जोर दे रही है। CEO जेसी ने पहले कहा था कि “AI टूल्स के तेजी से बढ़ते उपयोग से कम कर्मचारियों में ज्यादा उत्पादकता हासिल की जा सकती है।”
पहले भी हुई थी बड़े पैमाने पर कटौती
इससे पहले, 2022 में भी Amazon ने करीब 27,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। तब यह कहा गया था कि महामारी के दौरान कंपनी ने जितनी तेजी से भर्ती की थी, उसकी अब भरपाई की जा रही है। इस बार की छंटनी पिछले सभी राउंड से बड़ी है और माना जा रहा है कि AI निवेश की लागत वसूलने और ब्यूरोक्रेसी घटाने की नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है।
टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला जारी
2025 में अब तक 216 टेक कंपनियां लगभग 98,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी हैं। इनमें Intel, Microsoft, और TCS जैसी दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं। अब Amazon का यह कदम इस साल की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट लेऑफ बन सकता है।


