सुरेश रैना का दावा – ‘कोई भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान से नहीं खेलना चाहता था’

भारत की पाकिस्तान पर जीत के बावजूद खिलाड़ियों का मन खिन्न, पोस्ट-मैच हैंडशेक से भी किया इनकार।

Rahul Balodi
Rahul Balodi
3 Min Read
एशिया कप 2025: सुरेश रैना का बड़ा दावा

मुख्य तथ्य

  • भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया, सुपर फोर में लगभग जगह पक्की।
  • खिलाड़ियों ने पोस्ट-मैच हैंडशेक से किया इनकार, जताया विरोध।
  • सुरेश रैना का बड़ा दावा – कोई भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान से खेलना नहीं चाहता था।
  • बीसीसीआई के फैसले पर मजबूरी में खेल रही है टीम इंडिया।
  • पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शिकायत दर्ज कराई, शोएब अख्तर ने जताई नाराज़गी।

एशिया कप 2025 का भारत-पाकिस्तान मुकाबला भले ही क्रिकेट के लिहाज़ से रोमांचक रहा हो, लेकिन इस जीत के पीछे की भावनाएं खिलाड़ियों के चेहरे पर साफ झलक रही थीं। रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-ए मैच में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराकर शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत ने भारत की सुपर फोर में जगह लगभग पक्की कर दी।

लेकिन, असली कहानी मैदान के बाहर लिखी गई। मैच खत्म होने के बाद जब दोनों टीमों के बीच पारंपरिक पोस्ट-मैच हैंडशेक का समय आया, तो सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने इस प्रथा में हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया। यह वही रस्म है जो दशकों से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों की “जेंटलमैन गेम” वाली छवि का हिस्सा रही है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने इस मुद्दे को और भी गर्मा दिया। स्पोर्ट्स तक से बातचीत में रैना ने कहा – “अगर खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से पूछा जाए तो कोई भी इस एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलना नहीं चाहता था। उन्हें मजबूरी में खेलना पड़ा क्योंकि बीसीसीआई ने इसके लिए हरी झंडी दी थी।”

रैना ने आगे कहा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम अगर खुलकर अपनी राय देते, तो वे पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना कर देते। खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज और मैच के बाद का रवैया भी इसी ओर इशारा कर रहा था।

इस घटनाक्रम का असर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) तक पहुंचा। PCB ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है, वहीं पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी खिलाड़ियों के रवैये पर नाराज़गी जताई। पाकिस्तान कप्तान सलमान अली आगा ने तो यहां तक किया कि वे पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन से भी नदारद रहे।

भारत की यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि मैदान पर टीम इंडिया ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान को पछाड़ा। लेकिन खिलाड़ियों के मन में मौजूद असहजता और राजनीतिक पृष्ठभूमि की छाया ने इस मैच की चमक फीकी कर दी।

एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा खास होता है। लेकिन इस बार खिलाड़ियों की भावनाओं और बाहरी दबाव ने यह साफ कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि राजनीति और समाज का आईना भी है।

Share This Article
Leave a Comment