असम के कोकराझार जिले में सोमवार रात एक सड़क हादसे के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद मंगलवार को हिंसा में बदल गया, जिसके बाद प्रशासन ने जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई।
यह घटना पश्चिमी असम के कोकराझार जिले के करीगांव इलाके की है, जो बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) का हिस्सा है। पुलिस के अनुसार, सोमवार रात एक वाहन में सवार बोडो समुदाय के तीन लोगों की गाड़ी से आदिवासी समुदाय के दो लोग घायल हो गए। इसी घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच झड़प हुई और वाहन में बैठे लोगों पर हमला किया गया।
असम पुलिस के आईजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अखिलेश सिंह ने बताया कि हादसे के बाद भीड़ ने कार में सवार लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति, जिसकी पहचान सिखना ज्व्ह्वालाओ बिस्मित के रूप में हुई है, की इलाज के दौरान मौत हो गई। चार अन्य लोग कोकराझार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
पुलिस ने रात में ही 19 लोगों को हिरासत में लिया और जांच शुरू की। कोकराझार के पुलिस अधीक्षक अखत गर्ग के मुताबिक, लोगों से अपील की जा रही है कि वे कानून अपने हाथ में न लें और पुलिस को स्थिति संभालने दें।
मंगलवार को दोनों समुदायों के कुछ समूह आमने-सामने आ गए। करीगांव पुलिस चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किया गया, टायर जलाए गए और कुछ घरों तथा एक कार्यालय भवन में आग लगा दी गई। पुलिस चौकी पर हमला करने की भी कोशिश हुई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और पत्थरबाजी करने वालों को तितर-बितर किया गया। स्थिति को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात किया गया है।
हालात और न बिगड़ें, इसके लिए राज्य के गृह विभाग ने पूरे कोकराझार जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अगली सूचना तक बंद करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलने की आशंका है, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है।
तनाव का असर आसपास के इलाकों में भी दिखने लगा है। इसी वजह से BTR के एक अन्य जिले चिरांग में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि कोकराझार की घटना के बाद पड़ोसी जिलों में भी कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है।
इस बीच, बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी ने शांति की अपील करते हुए आरोप लगाया कि कुछ “तीसरे पक्ष” हालात को भड़काने और राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोडो और आदिवासी, दोनों ही इस इलाके के लोग हैं और उन्हें साथ मिलकर रहना है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी लोगों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक नेताओं से सरकार के साथ सहयोग करने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करने को कहा है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता हालात को नियंत्रण में रखना और किसी भी तरह की नई हिंसा को रोकना है।


