BCCI एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर ICC में करेगा विरोध

ACC प्रमुख मोहसिन नक़वी के ट्रॉफी लेकर चले जाने पर BCCI नाराज़, नवंबर की ICC मीटिंग में दर्ज होगा विरोध।

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BCCI एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर ICC में करेगा विरोध

भारत की ऐतिहासिक जीत से खत्म हुआ एशिया कप, लेकिन ट्रॉफी समारोह ने नया विवाद खड़ा कर दिया। ACC प्रमुख और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुखिया मोहसिन नक़वी के ट्रॉफी लेकर चले जाने पर BCCI ने सख्त आपत्ति जताई है। अब भारतीय बोर्ड इस मुद्दे को नवंबर में होने वाली ICC मीटिंग में उठाएगा।\

मुख्य तथ्य

  • एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया।
  • ट्रॉफी लेने से टीम इंडिया ने मोहसिन नक़वी से इनकार किया।
  • नक़वी ट्रॉफी और मेडल अपने होटल ले गए।
  • BCCI ने इसे “बचकाना और अस्वीकार्य” करार दिया।
  • नवंबर में ICC मीटिंग में औपचारिक विरोध दर्ज होगा।

एशिया कप 2025 का समापन भारत की शानदार जीत के साथ हुआ, लेकिन ट्रॉफी वितरण समारोह ने क्रिकेट की दुनिया में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने ट्रॉफी अपने कब्जे में लेकर घटना को विवादास्पद बना दिया। भारतीय टीम ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकते जो भारत के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठा हो।

BCCI का बड़ा कदम: एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर ICC में कड़ा विरोध
BCCI का बड़ा कदम: एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर ICC में कड़ा विरोध

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का फैसला देशहित में था। उन्होंने कहा, हमने यह निश्चय किया कि ट्रॉफी नक़वी से स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि वह व्यक्ति ट्रॉफी और मेडल उठाकर होटल ले जाए। यह अत्यंत अस्वीकार्य और बचकाना है। हम इस पर ICC मीटिंग में कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।”

भारत ने इस एशिया कप में लगातार जीत दर्ज कर इतिहास रचा। ग्रुप स्टेज में सभी मैच जीतने के बाद टीम इंडिया ने सुपर फोर और फाइनल में भी अपराजेय प्रदर्शन किया। सबसे खास बात रही पाकिस्तान के खिलाफ तीनों मैचों में जीत हासिल करना। फाइनल में तिलक वर्मा ने नाबाद 69 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत को 5 विकेट से जीत दिलाई और “प्लेयर ऑफ द मैच” चुने गए।

BCCI ने यह भी साफ कर दिया कि भारत केवल बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को तैयार है, क्योंकि यह केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप है। सचिव सैकिया ने कहा, भारत पिछले 12-15 साल से पाकिस्तान के खिलाफ कोई द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं खेल रहा। लेकिन बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स जैसे एशिया कप या वर्ल्ड कप में सरकार की अनुमति अनुसार खेलना जरूरी होता है।”

इस पूरे विवाद ने क्रिकेट फैंस के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। कई प्रशंसकों का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों ने सही निर्णय लिया, जबकि अन्य इसे खेल भावना के खिलाफ मानते हैं। लेकिन एक बात साफ है—भारत की 3-0 की जीत पाकिस्तान पर केवल मैदान में ही नहीं, बल्कि क्रिकेट डिप्लोमेसी में भी भारी पड़ी है।

 

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