इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के लिए एशेज का यह दौरा शारीरिक तौर पर और मुश्किल साबित होता दिख रहा है। सिडनी में खेले जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट के चौथे दिन स्टोक्स को ग्रोइन (दाएं एडडक्टर) में चोट के चलते मैदान छोड़ना पड़ा। यह घटना दिन की शुरुआत के करीब 15 मिनट बाद हुई, जब वह अपनी दूसरी ओवर की गेंदबाजी कर रहे थे।
स्टोक्स ने सुबह का अपना दूसरा ओवर शुरू किया ही था कि 10वीं गेंद के बाद अचानक रुक गए और सीधे ड्रेसिंग रूम की ओर चले गए। उस वक्त वह अपने 28वें ओवर में थे और ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में इंग्लैंड के सबसे ज्यादा काम में लिए गए गेंदबाजों में शामिल थे। उनके ओवर पूरे करने की जिम्मेदारी जैकब बेथेल ने संभाली।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की ओर से बाद में बयान जारी किया गया कि बेन स्टोक्स के दाएं एडडक्टर में तकलीफ है और उनकी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। आगे की जानकारी मेडिकल जांच के बाद दी जाएगी।
कप्तानी की जिम्मेदारी हैरी ब्रूक के पास
स्टोक्स के मैदान से बाहर जाने के बाद उपकप्तान हैरी ब्रूक ने पहली बार टेस्ट में कप्तानी संभाली। उनके नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी तीन विकेट 32 रन के भीतर गंवाए और टीम 567 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को 183 रन की बढ़त मिली।
स्टोक्स करीब 40 मिनट से भी कम समय के लिए मैदान से बाहर रहे, जिससे बल्लेबाजी नियमों से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें टल गईं। हालांकि, यह अब भी साफ नहीं है कि वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में अपने सामान्य नंबर छह स्थान पर बल्लेबाजी कर पाएंगे या नहीं, खासकर तब जब टीम पहले ही बड़े घाटे में है।
सीरीज के आखिरी पड़ाव पर आई चोट
इंग्लैंड के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यह चोट एशेज के आखिरी दिन से ठीक पहले आई है। इंग्लैंड पहले ही सीरीज 3-1 से गंवा चुका है और सिडनी टेस्ट में जीत की संभावना स्टोक्स के मैदान छोड़ने से पहले ही कमजोर मानी जा रही थी।
अब स्टोक्स का अगला तय अंतरराष्ट्रीय मैच जून में लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला है। इससे पहले वह काउंटी क्रिकेट में डरहम के लिए खेलकर खुद को तैयार कर सकते हैं।
बार-बार चोटों से जूझते स्टोक्स
पिछले 18 महीनों में यह स्टोक्स की चौथी बड़ी चोट है और लगातार चौथी सीरीज है जिसमें वह पूरी तरह फिट नहीं रह पाए। पिछले साल उन्हें हैमस्ट्रिंग और कंधे की चोटों का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद इस एशेज में वह इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज रहे।
पूरी सीरीज में स्टोक्स ने 15 विकेट लिए और भारी स्पेल डाले। सिर्फ ब्रायडन कार्स ने उनसे ज्यादा ओवर फेंके। मेलबर्न और सिडनी में लंबे स्पेल डालना, नए गेंद से जिम्मेदारी उठाना और टीम की कमजोर गेंदबाजी को संभालना—इन सबका बोझ उनके शरीर पर साफ दिखा।
फिटनेस पर फोकस, लेकिन चुनौती बरकरार
स्टोक्स ने हाल के वर्षों में फिटनेस पर खास ध्यान दिया है—जिम सेशन बढ़ाए, शराब से दूरी बनाई और फ्रेंचाइजी क्रिकेट से खुद को अलग रखा। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट की मांग और कप्तानी का दबाव उनके शरीर पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
सीरीज से पहले स्टोक्स ने खुद माना था कि उम्र के साथ रिकवरी और फिट रहना ज्यादा मेहनत मांगता है। मैदान पर उनकी प्रतिस्पर्धी सोच उन्हें आगे बढ़ाती है, लेकिन मैच खत्म होने के बाद शरीर उसकी कीमत चुकाता है।
अब सबकी नजर इस पर है कि मेडिकल टीम स्टोक्स की चोट को कैसे आंकती है और क्या वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध हो पाएंगे।


