बिहार चुनाव से पहले नीतीश का तोहफा: बेरोजगार स्नातकों को 1,000 रु महीना भत्ता

20–25 साल के स्नातक बेरोजगार युवाओं को 2 साल तक मिलेगा फायदा, चुनाव से पहले 11 बड़े ऐलान कर चुके हैं सीएम

newsdaynight
3 Min Read
बिहार चुनाव 2025: स्नातक बेरोजगारों को 1,000 रु महीना भत्ता

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य के स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को अब 1,000 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलेगा। यह भत्ता अधिकतम 2 साल तक दिया जाएगा ताकि युवा प्रतियोगी परीक्षाओं और कौशल प्रशिक्षण की तैयारी कर सकें।

मुख्य तथ्य

  • 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के स्नातक बेरोजगारों को मिलेगा 1,000 रुपये महीना।
  • योजना का नाम है मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना
  • अधिकतम 2 साल तक मिलेगा फायदा, शर्त होगी कि पढ़ाई या नौकरी में न हों।
  • पहले यह योजना सिर्फ इंटर पास युवाओं के लिए थी, अब स्नातकों को भी लाभ।
  • नीतीश अब तक 11 बड़े चुनावी ऐलान कर चुके हैं, जिनमें नौकरी और मुफ्त बिजली शामिल।

बिहार की सियासत में गर्माहट चुनाव से पहले ही बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्य के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के लिए नया ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि 20 से 25 वर्ष के बीच की आयु वाले स्नातक पास युवक और युवतियां अब मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

बिहार चुनाव 2025 से पहले नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान
बिहार चुनाव 2025 से पहले नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान

इस योजना के तहत युवाओं को अधिकतम दो वर्षों तक यह राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि स्नातक पास बेरोजगार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल प्रशिक्षण हासिल कर सकें। योजना की एक अहम शर्त यह भी है कि लाभार्थी युवा कहीं पढ़ाई न कर रहे हों, नौकरी में न हों और कोई स्वरोजगार भी न कर रहे हों।

अब तक यह योजना सिर्फ इंटर पास युवाओं तक सीमित थी, लेकिन नीतीश कुमार ने इसे बढ़ाकर कला, विज्ञान और वाणिज्य स्नातक बेरोजगारों के लिए भी खोल दिया है। सरकार का दावा है कि इससे लाखों युवाओं को सीधा फायदा होगा और उनकी तैयारी का बोझ कम होगा।

दरअसल, इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 होने हैं। ऐसे में नीतीश कुमार लगातार घोषणाओं की झड़ी लगा रहे हैं। अब तक वे 11 बड़े ऐलान कर चुके हैं, जिनमें 1 करोड़ नौकरियां देने का वादा, उद्यमियों को मुफ्त जमीन, शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सरकारी नौकरी के आवेदन शुल्क खत्म करना शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार की यह रणनीति स्पष्ट तौर पर युवाओं और रोजगार मुद्दे पर केंद्रित है। हालांकि विपक्ष इसे चुनावी स्टंट बता रहा है। अब देखना होगा कि यह कदम चुनावी नतीजों पर कितना असर डाल पाता है।

Share This Article
Leave a Comment