बिहार की 75 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये

नीतीश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफ़ा दिया।

newsdaynight
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बिहार में 75 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये मिले

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का बड़ा तोहफ़ा दिया है। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत राज्य की 75 लाख महिलाओं के खाते में सीधे 10-10 हजार रुपये भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना का शुभारंभ किया।

मुख्य तथ्य

  • 75 लाख महिलाओं को सीधे बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये मिले।
  • योजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
  • हर परिवार की एक महिला को योजना का लाभ मिलेगा।
  • सही उपयोग पर 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
  • योजना का ऐलान 29 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य

बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक नई पहल की है। 29 अगस्त को घोषित की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। इस योजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया और शुक्रवार को 75 लाख महिलाओं के खाते में सीधे 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी गई।

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए महिलाओं से संवाद करते हुए कहा, शुरुआत में 10,000 रुपए दिए जाएंगे। अगर महिला इस धनराशि का सही उपयोग कर कोई काम शुरू करती है और उसमें सफलता पाती है, तो आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।” उन्होंने इसे महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार का सुनहरा अवसर बताया।

नीतीश सरकार का वादा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सितंबर में ही इस योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में राशि पहुंचने की बात कही थी। अब 26 सितंबर को सरकार ने 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधा लाभ पहुंचा दिया है। इस पैसे का उद्देश्य है कि महिलाएं छोटे स्तर पर व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करें और अपने पैरों पर खड़ी हों।

आगे की राह

सरकार का मानना है कि अगर महिलाएं इस 10,000 रुपये का सही तरीके से उपयोग करती हैं तो उन्हें आगे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इससे वे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर सकेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। चुनावी समय में यह योजना राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसका सीधा असर महिलाओं के वोट बैंक पर पड़ सकता है।

महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण

यह योजना महिलाओं को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की दिशा में भी आगे बढ़ाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर योजना पारदर्शी ढंग से लागू हुई तो यह ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

 

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