कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की तेज़ी से बढ़ती दुनिया के पीछे सिर्फ सॉफ्टवेयर या चिप्स ही नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम करने वाले हजारों कारीगर भी उतने ही जरूरी हैं। अभी अमेरिका में AI डेटा सेंटर बनाने की होड़ लगी है, लेकिन इसी के साथ एक बड़ी कमी सामने आ रही है—कुशल तकनीकी कामगारों की।
इसी चुनौती को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी BlackRock ने बुधवार को एक नई पहल की घोषणा की। कंपनी अगले पांच वर्षों में 100 मिलियन डॉलर खर्च कर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देगी, जिनसे इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, HVAC तकनीशियन और अन्य ट्रेड वर्करों की नई पीढ़ी तैयार हो सके।
इस योजना के तहत अलग-अलग राज्यों में गैर-लाभकारी संगठनों और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पार्टनर्स के साथ मिलकर काम किया जाएगा। लक्ष्य है कि पांच साल में करीब 50,000 लोगों को ट्रेनिंग दी जा सके।
AI के विस्तार के साथ बढ़ी कारीगरों की जरूरत
Meta, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियां तेजी से बड़े-बड़े डेटा सेंटर बना रही हैं। इन सेंटरों में भारी बिजली व्यवस्था, कूलिंग सिस्टम और पाइपलाइन नेटवर्क की जरूरत होती है। यही वजह है कि इलेक्ट्रिशियन और तकनीकी कामगारों की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है।
BlackRock के सीईओ लैरी फिंक का कहना है कि अमेरिका को 2033 तक पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाने और नई ऊर्जा, डिजिटल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए करीब 10 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत पड़ेगी। लेकिन उनके मुताबिक केवल पैसा ही काफी नहीं होगा—इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कुशल लोग भी चाहिए।
निवेश रणनीति से भी जुड़ा है मामला
BlackRock के लिए यह पहल सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। कंपनी खुद भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश कर रही है।
उदाहरण के तौर पर, BlackRock उन निवेशकों में शामिल है जो Meta के विशाल Hyperion डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को फंड कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से जुड़े 3 अरब डॉलर से ज्यादा के बॉन्ड कंपनी ने खरीदे हैं।
इसके अलावा BlackRock ने निवेशकों के एक समूह के साथ मिलकर Aligned Data Centers का अधिग्रहण भी किया है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 40 अरब डॉलर बताई गई है।
इलेक्ट्रिशियन की भारी कमी की चेतावनी
लैरी फिंक पहले भी कई मंचों पर कह चुके हैं कि अमेरिका में खासकर इलेक्ट्रिशियन की कमी AI के विस्तार में बाधा बन सकती है। एक ऊर्जा सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि डेटा सेंटर बनाने के लिए जितने इलेक्ट्रिशियन चाहिए, उतने उपलब्ध ही नहीं हैं।
डेटा सेंटर के निर्माण खर्च का करीब 45% से 70% हिस्सा केवल इलेक्ट्रिकल काम पर खर्च होता है।
अनुमान है कि अगले दस वर्षों में 3 लाख से ज्यादा नए इलेक्ट्रिशियन की जरूरत होगी। इसी अवधि में लगभग 2 लाख मौजूदा इलेक्ट्रिशियन रिटायर भी हो सकते हैं।
युवाओं के लिए नया अवसर
दिलचस्प बात यह है कि AI की वजह से जहां कई व्हाइट-कॉलर नौकरियों पर असर की चर्चा होती है, वहीं दूसरी तरफ कुशल ट्रेड में नई संभावनाएं भी बन रही हैं।
कुछ इलाकों में ट्रेनिंग पूरी करते ही इलेक्ट्रिशियन की कमाई छह अंकों (100,000 डॉलर से ज्यादा) तक पहुंच सकती है। वॉशिंगटन डीसी के पास IBEW Local 26 में प्रशिक्षु इलेक्ट्रिशियन करीब 26 डॉलर प्रति घंटा से शुरुआत करते हैं, जबकि पांच साल की ट्रेनिंग के बाद उनकी कमाई 120,000 डॉलर सालाना से ज्यादा हो सकती है।
टेक कंपनियां भी चिंतित
सिर्फ BlackRock ही नहीं, कई बड़ी टेक कंपनियां भी इसी समस्या को लेकर चिंतित हैं।
- Microsoft के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा था कि अमेरिका में डेटा सेंटर विस्तार के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलेक्ट्रिकल टैलेंट की कमी है।
- Google ने भी चेतावनी दी है कि अगर इलेक्ट्रिशियन की कमी बनी रही तो AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार धीमा पड़ सकता है।
- Nvidia के सीईओ जेंसन हुआंग ने भी हाल में लिखा कि AI फैक्ट्री और डेटा सेंटर बनाने के लिए बड़ी संख्या में तकनीकी कामगारों की जरूरत है।
उनके शब्दों में, इस बदलाव में हिस्सा लेने के लिए कंप्यूटर साइंस में पीएचडी होना जरूरी नहीं है—कुशल तकनीकी काम भी उतना ही अहम है।


