कर्नाटक हादसा: चित्रदुर्ग में बस-ट्रक टक्कर, 17 की दर्दनाक मौत

Virat
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चित्रदुर्ग बस हादसा: NH-48 पर 17 की जलकर मौत

कर्नाटक के चित्रदुर्ग ज़िले में गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया।
NH-48 पर एक कंटेनर ट्रक के डिवाइडर पार कर स्लीपर बस से टकराने के बाद बस में भीषण आग लग गई, जिसमें ट्रक चालक समेत 17 लोगों की जलकर मौत हो गई।

मुख्य तथ्य

  • हादसा: चित्रदुर्ग के पास NH-48 पर
  • मृतक: ट्रक चालक समेत 17 लोग
  • बस में सवार यात्री: 32
  • समय: तड़के करीब 3 बजे
  • प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता घोषित की

क्या हुआ था तड़के चित्रदुर्ग में?

यह भयावह हादसा कर्नाटक के कर्नाटक में चित्रदुर्ग ज़िले के हिरियूर क्षेत्र के पास NH-48 पर हुआ। पुलिस के अनुसार, सीबर्ड टूरिस्ट की स्लीपर बस बुधवार रात लगभग 11:30 बजे बेंगलुरु से शिवमोग्गा के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 32 यात्री सवार थे। तड़के करीब 3 बजे, गोरलाथु क्रॉस के पास हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रहा एक कंटेनर ट्रक अचानक डिवाइडर पार कर विपरीत दिशा में आ गया और तेज़ रफ्तार से स्लीपर बस से टकरा गया।

टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि बस के डीज़ल टैंक के पास चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही सेकेंड में लपटें पूरे केबिन में फैल गईं, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

सोते रहे यात्री, आग ने नहीं दिया मौका

हादसे के वक्त बस में मौजूद अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। अचानक लगी आग और धुएं ने स्थिति को और भयावह बना दिया। कई यात्री अंदर ही फंस गए और उनकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई। बस चालक, कंडक्टर और सफाईकर्मी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन आग की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि कई लोग मदद का इंतज़ार भी नहीं कर सके।

पुलिस ने बताया कि हादसे के समय बस के बगल में एक और बस खड़ी थी, लेकिन वह चपेट में आने से बच गई। यदि आग उस तक पहुंच जाती, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

शवों की पहचान बनी चुनौती

कर्नाटक पुलिस के महानिरीक्षक रविकांत गौड़ा के अनुसार, बस में एक बच्चे का शव भी मिला है। कई शव इतनी बुरी तरह झुलस चुके हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे मामलों में DNA परीक्षण की मदद ली जाएगी। घटना के बाद से सोशल मीडिया पर हादसे के भयावह वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें देखकर हर कोई स्तब्ध है।

 

स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रधानमंत्री और नेताओं की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।

राज्य सरकार ने भी घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कंटेनर ट्रक डिवाइडर कैसे पार कर गया और क्या इसमें मानवीय लापरवाही या तकनीकी खामी थी।

सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा

यह हादसा एक बार फिर देश में सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी की बस यात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्लीपर बसों में डीज़ल टैंक की स्थिति, इमरजेंसी एग्ज़िट और फायर सेफ्टी मानकों की समीक्षा की ज़रूरत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर तेज़ रफ्तार भारी वाहनों की निगरानी और ड्राइवरों के विश्राम नियमों को और सख़्ती से लागू करना होगा, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

 

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