Crypto संस्थापक फिर से अमीर बन रहे हैं—बहुत तेज़ी से

Crypto स्टार्टअप की दुनिया में संस्थापक अब कुछ ही वर्षों में करोड़पति बन रहे हैं, सेकेंडरी शेयर सेल से मिल रही है भारी रकम।

newsdaynight
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crypto संस्थापक फिर से अमीर क्यों हो रहे हैं?

स्टार्टअप जगत में आमतौर पर किसी संस्थापक को बड़ी कमाई के लिए सालों तक इंतज़ार करना पड़ता है। लेकिन Crypto सेक्टर में कहानी बिल्कुल उलट है—जहाँ कुछ संस्थापक सिर्फ कुछ सालों में ही करोड़पति बन रहे हैं। सेकेंडरी शेयर सेल के ज़रिए वे अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचकर जल्दी अमीर हो रहे हैं।

मुख्य तथ्य

  • Crypto सेक्टर में “सेकेंडरी सेल” के ज़रिए संस्थापक जल्दी पैसा निकाल रहे हैं।
  • Bam Azizi ने 2020 में Mesh नामक कंपनी बनाई और 2025 में $82 मिलियन की फंडिंग जुटाई, जिसमें से $20 मिलियन खुद के लिए थे।
  • Dan Romero और Omer Goldberg जैसे अन्य संस्थापकों ने भी सेकेंडरी शेयर सेल से लाखों डॉलर कमाए।
  • निवेशकों के अनुसार यह चलन “बुल मार्केट” में तेजी से बढ़ा है।
  • आलोचक इसे “गेट-रिच-क्विक” कल्चर कहते हैं जो दीर्घकालिक प्रोत्साहन को कमजोर कर सकता है।

स्टार्टअप की दुनिया में आम तौर पर किसी संस्थापक की संपत्ति तब बनती है जब उसकी कंपनी या तो सार्वजनिक होती है या किसी बड़ी फर्म द्वारा अधिग्रहित। लेकिन Crypto इंडस्ट्री ने इस परंपरा को उलट दिया है। यहाँ संस्थापक कुछ ही वर्षों में करोड़पति बन रहे हैं—वो भी बिना IPO या अधिग्रहण के।

उदाहरण के लिए, Bam Azizi ने 2020 में Crypto पेमेंट्स फर्म Mesh की स्थापना की। 2025 में कंपनी ने $82 मिलियन की Series B फंडिंग जुटाई, परंतु इसमें से कम से कम $20 मिलियन सीधे Azizi को मिले। यह रकम सेकेंडरी शेयर सेल से आई—जहाँ निवेशक कंपनी के बजाय सीधे संस्थापक से शेयर खरीदते हैं। इससे संस्थापक को तत्काल नकद राशि मिल जाती है।

ऐसा मॉडल कंपनियों में आम नहीं है क्योंकि सामान्यतया Series A या B फंडिंग का पैसा कंपनी की वृद्धि में लगाया जाता है। लेकिन Crypto में हालात कुछ अलग हैं। निवेशकों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और Crypto बाजार के बुल-रन ने संस्थापकों को जल्दी पैसा कमाने का मौका दिया है।

Azizi के अलावा, Dan Romero ने अपनी सोशल मीडिया Crypto प्लेटफ़ॉर्म Farcaster में फंडिंग के दौरान करीब $15 मिलियन के शेयर बेचे। वे Coinbase के शुरुआती कर्मचारी भी रहे हैं और अब लॉस एंजेलिस में $7.3 मिलियन की आलीशान संपत्ति के मालिक हैं। हालांकि, Farcaster उतनी सफलता नहीं पा सकी जितनी उम्मीद थी, और उसके दैनिक उपयोगकर्ता बेहद कम हैं।

इसी तरह, Omer Goldberg ने अपनी ब्लॉकचेन सुरक्षा फर्म Chaos Labs के लिए $55 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई, जिसमें से $15 मिलियन उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिले।

इन सभी उदाहरणों ने Crypto जगत में एक नई बहस को जन्म दिया है—क्या संस्थापकों को इतनी जल्दी अमीर बनना चाहिए जब उनकी कंपनियाँ अभी शुरुआती चरण में हैं? निवेशकों का कहना है कि यह ट्रेंड केवल Crypto तक सीमित नहीं है, बल्कि AI जैसे अन्य उभरते क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है।

Crypto इतिहास में यह नया नहीं है। 2016 के “Initial Coin Offering (ICO)” दौर में भी कई संस्थापकों ने टोकन बेचकर करोड़ों डॉलर कमाए, जिनमें से अधिकांश प्रोजेक्ट अब समाप्त हो चुके हैं। 2021 में जब बाजार फिर से उछला, तब स्टार्टअप्स ने पारंपरिक वेंचर फंडिंग अपनाई, लेकिन इस बार संस्थापकों को “सेकेंडरी सेल” के ज़रिए पहले से भुगतान मिलने लगा।

उदाहरण के लिए, MoonPay के संस्थापकों ने $555 मिलियन की फंडिंग राउंड के दौरान $150 मिलियन की निजी कमाई की। OpenSea के संस्थापक भी इसी श्रेणी में आए, जिन्होंने $425 मिलियन जुटाने के साथ ही मोटी रकम हासिल की—लेकिन NFT बाजार के ठंडे पड़ते ही कंपनी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी।

कानूनी विशेषज्ञ Derek Colla के अनुसार, Crypto कंपनियाँ “asset-light” होती हैं—यानि इन्हें भारी इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसलिए फंड का बड़ा हिस्सा संस्थापकों को दिया जा सकता है। वहीं, निवेशक भी इस प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए इस शर्त पर तैयार हो जाते हैं।

दूसरी ओर, कुछ वेंचर कैपिटलिस्ट मानते हैं कि यह ट्रेंड संस्थापकों की “लालसा” से ज्यादा निवेशकों की “डर-की-मानसिकता” का परिणाम है। जब कोई हॉट Crypto डील सामने आती है, तो निवेशक संस्थापक के शेयर खरीदकर डील में जगह पक्की करना चाहते हैं।

फिर भी यह सवाल बना हुआ है—क्या संस्थापकों को इतनी जल्दी इनाम मिलना सही है? क्या इससे उनकी दीर्घकालिक प्रेरणा प्रभावित नहीं होती? कई विशेषज्ञ मानते हैं कि “महान संस्थापक” वही होते हैं जो अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचते, क्योंकि उन्हें यकीन होता है कि कंपनी का असली मूल्य भविष्य में और बढ़ेगा।

संक्षेप में, Crypto संस्थापक अब फिर से अमीर हो रहे हैं—लेकिन इस बार सिर्फ ब्लॉकचेन नहीं, बल्कि सेकेंडरी शेयर सेल ही असली “माइनिंग मशीन” बन गई है।

 

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