14 साल की उम्र में घर छोड़ा, सड़कों पर भटकी और जबरन शादी तक पहुंची कहानी, दिल्ली में इलाज के दौरान किशोरी की मौत

परिवार से विवाद के बाद लापता हुई लड़की की आपबीती सामने आई, पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की

Priyanka
Priyanka
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दिल्ली के GTB अस्पताल में 40 दिन इलाज के बाद किशोरी की मौत, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दिल्ली के दयालपुर इलाके की रहने वाली एक किशोरी की कहानी सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। 14 साल की उम्र में घर छोड़ने के बाद सड़कों पर भटकती रही यह लड़की आखिरकार दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ बैठी। उसकी मौत से पहले दिए गए बयान के आधार पर अब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने इलाज के दौरान बताया था कि वह पिछले साल परिवार के साथ हुए विवाद के बाद घर से निकल गई थी। इसके बाद उसने सड़कों पर रहकर कबाड़ बीनकर गुजारा किया। इस दौरान उसे राजस्थान के एक व्यक्ति से जबरन शादी के लिए बेच दिए जाने का आरोप भी उसने लगाया था। किसी तरह वहां से भागकर वह हरियाणा पहुंची।

24 अक्टूबर को हरियाणा के पानीपत में एक राहगीर ने उसे बेहद गंभीर हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। पहले उसे स्थानीय थाने ले जाया गया और बाद में इलाज के लिए दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब किशोरी को अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी। वह कुपोषण का शिकार थी और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और इलाज के दौरान उसका बयान दर्ज किया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि किशोरी ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि उसे बेचकर जबरन शादी कराई गई थी। हालांकि गंभीर हालत के चलते वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सकी। करीब 40 दिनों तक चले इलाज के बावजूद 12 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान माता-पिता और अभिभावकों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या परिवार की ओर से किसी तरह की क्रूरता, लापरवाही या त्याग की स्थिति रही, जिसने लड़की की हालत को इस हद तक पहुंचाया।

मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगी गई है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से चली आ रही बीमारी और अत्यधिक कमजोरी उसकी मौत की वजह बनी।

यह मामला न सिर्फ एक किशोरी की दर्दनाक मौत की कहानी है, बल्कि उन हालातों की भी तस्वीर पेश करता है, जहां समय पर मदद और निगरानी न मिलने से हालात जानलेवा हो जाते हैं।

SOURCES:msn
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