दोषी ठहराए जा चुके यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की पहचान लंबे समय तक दुनिया के ताकतवर वित्तीय और राजनीतिक लोगों से जुड़े रहने की रही। अपोलो के लियोन ब्लैक से लेकर इज़राइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक तक, उसकी पहुंच बड़े नामों तक थी। अब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की ओर से जारी नए दस्तावेज़ बताते हैं कि एपस्टीन ने अपनी मौत से पहले उभरती क्रिप्टो इंडस्ट्री में भी दिलचस्पी ली और शुरुआती दौर में कुछ अहम निवेश किए।
इन दस्तावेज़ों के मुताबिक, एपस्टीन ने अमेरिकी क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase और बिटकॉइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Blockstream में निवेश किया था। Coinbase में उसका निवेश कंपनी की कुल हिस्सेदारी का एक प्रतिशत से भी कम था। वहीं Blockstream में उसकी हिस्सेदारी एक अलग फंड के जरिए थी, जिसे सार्वजनिक रूप से पहले उजागर नहीं किया गया था।
यह साफ नहीं है कि एपस्टीन की क्रिप्टो में रुचि कब और कैसे बनी, लेकिन ये निवेश दिखाते हैं कि 2008 में पहली सजा के बाद भी वह टेक और फाइनेंस की अलग-अलग दुनियाओं में संपर्क बनाए रखने में सक्षम था।
Coinbase ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। Blockstream की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
Coinbase तक पहुंच कैसे बनी
2010 के शुरुआती वर्षों में ब्रॉक पियर्स, जो कभी बाल कलाकार रह चुके थे और बाद में क्रिप्टो निवेशक बने, एपस्टीन को कई क्रिप्टो निवेशों पर सलाह दे रहे थे। उस समय पियर्स एक नए वेंचर कैपिटल फर्म Crypto Currency Partners में मैनेजिंग पार्टनर थे, जो बाद में Blockchain Capital के नाम से जानी गई।
पियर्स क्रिप्टो के शुरुआती समर्थकों में रहे और उन्होंने स्टेबलकॉइन कंपनी Tether की सह-स्थापना भी की थी।
DOJ दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 2014 में पियर्स ने एपस्टीन से Coinbase में निवेश की बात की। एपस्टीन ने इस पर दिलचस्पी दिखाई और LinkedIn के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन को ईमेल करते हुए पूछा कि क्या उसे इस डील में शामिल होना चाहिए।
2015 में Coinbase के 75 मिलियन डॉलर के Series C राउंड में एपस्टीन ने 3 मिलियन डॉलर लगाने का फैसला किया। उस वक्त कंपनी का मूल्यांकन करीब 400 मिलियन डॉलर था। बाद के वर्षों में Coinbase पब्लिक कंपनी बनी और उसका मार्केट कैप कई अरब डॉलर तक पहुंच गया।
2018 में Blockchain Capital ने एपस्टीन से उसकी Coinbase हिस्सेदारी खरीदने की बात की। वेंचर फर्म के अनुसार, एपस्टीन से जुड़े एक ट्रस्ट ने उसी साल करीब 15 मिलियन डॉलर की Coinbase इक्विटी बेची।
Blockchain Capital ने साफ किया कि एपस्टीन कभी भी उसके किसी फंड का निवेशक नहीं रहा। पियर्स, Blockchain Capital और Coinbase — तीनों को एपस्टीन के साथ किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि से नहीं जोड़ा गया है।
Bitcoin की शुरुआती दुनिया और Blockstream
Coinbase के अलावा एपस्टीन ने 2014 में Blockstream में भी निवेश किया। ईमेल्स से पता चलता है कि वह कंपनी के सह-संस्थापकों ऑस्टिन हिल और एडम बैक के संपर्क में था। उस दौर में उसे बिटकॉइन की उपयोगिता पर रिसर्च भी भेजी गई थी।
एडम बैक ने 1 फरवरी को X पर लिखा कि Blockstream का परिचय एपस्टीन से MIT Media Lab के पूर्व निदेशक जोई इटो के जरिए हुआ था। एपस्टीन ने इटो के फंड के लिमिटेड पार्टनर के तौर पर निवेश किया था। बाद में इटो के फंड ने संभावित हितों के टकराव और अन्य चिंताओं के चलते Blockstream से अपनी हिस्सेदारी बेच दी।
Blockstream ने यह भी कहा है कि कंपनी का अब एपस्टीन से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वित्तीय संबंध नहीं है। जोई इटो 2019 में एपस्टीन से जुड़े विवादों के बाद कई पदों से हट गए थे।
माइकल सायलर से जुड़ा एक पुराना ईमेल
हालांकि, एपस्टीन बिटकॉइन की सबसे बड़ी कहानियों में से एक में जल्दी शामिल नहीं हो पाया। 2010 में उसकी पब्लिसिस्ट पैगी सीगल की मुलाकात माइकल सायलर से हुई थी, जो उस वक्त MicroStrategy नाम की सॉफ्टवेयर कंपनी के संस्थापक थे।
बाद में यही कंपनी बिटकॉइन की सबसे बड़ी होल्डर्स में से एक बनी। लेकिन उस समय सीगल सायलर से प्रभावित नहीं थीं। DOJ द्वारा जारी ईमेल्स के मुताबिक, उन्होंने एपस्टीन को लिखा था कि सायलर “एकदम अजीब इंसान” हैं और उनमें कोई पर्सनैलिटी नहीं है।
बाद में MicroStrategy का नाम बदलकर Strategy कर दिया गया। कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई। पैगी सीगल ने बाद में कहा कि उन्हें माइकल सायलर के बारे में कोई याद नहीं है और उन्होंने “नाइटमेयर” शब्द किस संदर्भ में इस्तेमाल किया था, यह भी स्पष्ट नहीं किया।
इस पूरे मामले में न तो सीगल, न सायलर, न Blockstream, न उसके संस्थापक और न ही Coinbase को किसी भी तरह की गलत गतिविधि से जोड़ा गया है।


