कोर्ट ले जाते वक्त ट्रैफिक जाम में गैंगस्टर की गोली मारकर हत्या

पुलिस वाहन फंसा, पूर्व साथियों ने भीड़ में किया हमला

Virat
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कोर्ट ले जाते वक्त ट्रैफिक जाम में गैंगस्टर की हत्या

उत्तराखंड में पुलिस कस्टडी की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट में पेशी के लिए ले जाए जा रहे एक कुख्यात अपराधी पर ट्रैफिक जाम के दौरान गोली चलाई गई, जिसकी कुछ दिन बाद मौत हो गई।
यह मामला पुलिस लापरवाही, आपसी गैंग रंजिश और सुरक्षा व्यवस्था—तीनों को लेकर बहस छेड़ रहा है।

मुख्य तथ्य

  • घायल गैंगस्टर विनय त्यागी की मौत AIIMS ऋषिकेश में हुई
  • 3 दिन पहले कोर्ट ले जाते समय उस पर हमला हुआ था
  • आरोपी सनी यादव और अजय सैनी गिरफ्तार
  • पुलिस वाहन ट्रैफिक जाम में फंसा था
  • लापरवाही के आरोप में 3 पुलिसकर्मी निलंबित

क्या हुआ था उस दिन

बुधवार को कुख्यात अपराधी विनय त्यागी को पुलिस लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। रास्ते में पुलिस वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गया। इसी दौरान दो हमलावरों ने बेहद नजदीक से त्यागी पर गोलियां चला दीं। गोली उसके कंधे, हाथ और सीने में लगी, जिससे उसके आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

इलाज के दौरान मौत

हमले के बाद त्यागी को गंभीर हालत में AIIMS ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर था। तीन दिन तक चले इलाज के बाद शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

आरोपी कौन हैं और क्यों किया हमला

पुलिस ने सनी यादव और अजय सैनी को गिरफ्तार किया है। दोनों पहले विनय त्यागी के ही गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों ने पहले कई अपराध साथ किए थे, लेकिन बाद में आपसी विवाद हो गया।
हरिद्वार ग्रामीण एसपी शेखर चंद सुयाल के मुताबिक, त्यागी ने लूट का हिस्सा देने से इनकार कर दिया था, जिससे दोनों ने बदला लेने की योजना बनाई।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

घटना के समय वाहन में मौजूद तीन पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों के पास नजदीक से मार करने वाले हथियार थे, जबकि पुलिस के पास लंबी दूरी की बंदूकें थीं, जिससे वे तुरंत जवाबी कार्रवाई नहीं कर सके। भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण भी फायरिंग नहीं की गई।

त्यागी का आपराधिक इतिहास

विनय त्यागी मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और मेरठ में पला-बढ़ा। उसके खिलाफ मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, गाजियाबाद, दिल्ली और देहरादून समेत कई जगहों पर करीब 60 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, डकैती, रंगदारी, Arms Act और Gangster Act शामिल थे। उसका पहला मामला 1985 में दर्ज हुआ था।

परिवार ने लगाए थे साजिश के आरोप

घटना से कुछ महीने पहले त्यागी के परिवार ने आरोप लगाया था कि उसे फंसाया जा रहा है और जान से मारने की साजिश रची जा रही है। परिवार का दावा था कि सितंबर में हुई चोरी के एक मामले में उसे गलत तरीके से घसीटा गया और कोर्ट ले जाते समय उसकी हत्या की योजना पहले से थी। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।

Q&A Section

Q1: विनय त्यागी पर हमला कैसे हुआ?

पुलिस वाहन ट्रैफिक जाम में फंसा था, इसी दौरान पूर्व गैंग साथियों ने नजदीक से गोली चलाई।

Q2: इस मामले में पुलिस के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

घटना में लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

 

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