नवरात्रि की शुरुआत में ही बारिश ने गुजरात में रंग में भंग डाला है। अब मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य में कई जिलों में भारी से लेकर हल्की बारिश की चेतावनी दी है।
मुख्य तथ्य
- बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ा।
- गुजरात के उत्तर, दक्षिण और सौराष्ट्र के कई जिलों में 27 से 29 सितंबर तक बारिश का अनुमान।
- रविवार और सोमवार को भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा।
- अब तक राज्य में औसत से 22% ज्यादा बारिश दर्ज।
- कच्छ में सबसे ज्यादा 136% बारिश, सौराष्ट्र में सबसे कम 95% बारिश।
गुजरात में नवरात्रि का त्योहार इस बार बारिश की बूंदों के बीच मनाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश हुई, जिससे गरबा उत्सव का आनंद कुछ जगहों पर बाधित हुआ। हालांकि ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश होने के कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
बंगाल की खाड़ी से उठा सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक 26 सितंबर को बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्से में एक गहरा दबाव (लो-प्रेशर) क्षेत्र सक्रिय हुआ। यह सिस्टम तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके अगले 12 घंटों में डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसका असर सीधे गुजरात समेत महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों पर भी देखने को मिलेगा।
किन जिलों में होगी बारिश
शनिवार को बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, साबरकांठा, गांधीनगर, अरावली, खेड़ा, अहमदाबाद, आनंद, पंचमहल, दाहोद और महिसागर में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं दक्षिण गुजरात के वडोदरा, नर्मदा, भरूच, सूरत, तापी, नवसारी और वलसाड जिलों में गरज-बरस के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र के राजकोट, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, गिर-सोमनाथ और बोटाद में भी बारिश का अनुमान है।
रविवार को स्थिति और गंभीर हो सकती है। उत्तर और मध्य गुजरात के अलावा दक्षिण और सौराष्ट्र के अधिकांश जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। खासकर नवसारी, वलसाड, तापी और डांग जैसे जिलों में भारी वर्षा का खतरा अधिक है।
सोमवार को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। अहमदाबाद, आनंद, भरूच, सूरत, राजकोट, जूनागढ़, भावनगर, जामनगर, पोरबंदर और कच्छ में भारी बारिश की संभावना है।
अब तक का बारिश का हाल
गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार, 26 सितंबर तक राज्य में औसतन 980.76 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य से 11.22% अधिक है। कच्छ क्षेत्र ने सबसे ज्यादा 136% बारिश पाई है, जबकि सौराष्ट्र में यह आंकड़ा सिर्फ 95% रहा है।
त्योहार पर असर
बारिश के कारण नवरात्रि के पहले ही दिन कई जिलों में लोगों को आयोजन स्थलों पर असुविधा हुई। हालांकि आयोजकों का कहना है कि गरबा की रंगत बरकरार है और लोग थोड़ी बारिश के बावजूद उत्साह से त्योहार मना रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।


