हैदराबाद के डॉक्टर पर ‘रिसिन टेरर प्लॉट’ का आरोप, ATS की जांच तेज

चीन से MBBS करने वाला डॉक्टर ‘घातक रासायनिक पदार्थ’ बनाने के आरोप में गिरफ्तार — ATS को घर से मिले रसायन और उपकरण

newsdaynight
newsdaynight
5 Min Read
रेड फोर्ट ब्लास्ट में विदेशियों की भूमिका के प्रमाण

गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने हैदराबाद के डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद को एक कथित “रिसिन बायो-टेरर प्लॉट” के तहत गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि 35 वर्षीय डॉक्टर ने अपने घर को एक वर्कशॉप में बदल रखा था और वहां से घातक रासायनिक पदार्थ (Ricin) तैयार करने की कोशिश कर रहा था।

मुख्य तथ्य

  • डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, हैदराबाद के रहने वाले, MBBS चीन से किया था।
  • ATS ने उनके घर से कई अज्ञात रासायनिक पदार्थ और कैस्टर बीन्स बरामद किए।
  • ATS का दावा: वह ISKP (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) से प्रेरित था।
  • आरोपी ने अब तक रिसिन को पूरी तरह आइसोलेट नहीं किया था, न ही कोई “डिलीवरी मैकेनिज़्म” तय किया था।
  • डॉक्टर ऑनलाइन फूड बिज़नेस का पार्टनर था और मुफ्त ऑनलाइन कंसल्टेशन देता था।

हैदराबाद: एक हैरान करने वाले खुलासे में, गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने 35 वर्षीय डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद को एक बायो-टेरर प्लॉट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ATS का कहना है कि डॉक्टर “रिसिन (Ricin)” नामक घातक रासायनिक ज़हर तैयार करने की कोशिश कर रहा था — जिसे वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक खतरनाक बायोलॉजिकल एजेंट्स में गिना जाता है।

मंगलवार और बुधवार को ATS ने हैदराबाद के साइबराबाद इलाके में स्थित उसके फ्लैट की तलाशी ली। फ्लैट से कई अज्ञात केमिकल्स, उपकरण और कच्चा माल जब्त किया गया है। अधिकारी अब इन सभी नमूनों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनमें रिसिन या उससे संबंधित कोई रासायनिक तत्व मौजूद हैं।

क्या था ‘रिसिन प्लॉट’?

ATS सूत्रों के अनुसार, आरोपी रिसिनस कम्युनिस (Castor Bean) से विषैले तत्व अलग करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, पूछताछ में उसने माना कि वह अभी तक विष को सफलतापूर्वक अलग नहीं कर पाया था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने “हमले के किसी ठोस तरीके या लक्ष्य” का भी चयन नहीं किया था।

जांच एजेंसियां अब इस मामले को 2018 के जर्मनी के “कोलोन रिसिन प्लॉट” से जोड़कर देख रही हैं, जहाँ एक कट्टरपंथी दंपति ने रिसिन तैयार कर लिया था, लेकिन हमले से पहले ही पकड़े गए थे। गुजरात ATS अब दोनों मामलों के पैटर्न की तुलना कर रही है।

ISKP से संपर्क का शक

ATS ने रविवार को दावा किया कि डॉक्टर सैयद इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) से जुड़े एक मॉड्यूल का हिस्सा था। उसके “हैंडलर” के रूप में अबू खालिदा का नाम सामने आया है। इस केस में उत्तर प्रदेश से दो और संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर अविवाहित था और अकेले रहता था। वह किसी अस्पताल से जुड़ा नहीं था, बल्कि फ्री ऑनलाइन मेडिकल कंसल्टेशन देता था और एक ऑनलाइन फूड जॉइंट का पार्टनर था।

परिवार को नहीं थी भनक, ‘पार्सल्स’ से हुआ शक

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सैयद के परिवार ने कुछ महीनों पहले उसकी गतिविधियों पर सवाल उठाए थे। वह बार-बार अज्ञात पार्सल मंगवाता था जिनमें केमिकल्स और प्रयोगशाला उपकरण होते थे। जब परिवार ने पूछा तो उसने कहा कि वह “एक ऐसा केमिकल बना रहा है जो सबको अमीर बना देगा।”

डॉक्टर सैयद तेलंगाना के खम्मम जिले का रहने वाला है और छह भाई-बहनों में सबसे छोटा है। परिवार ने पुलिस को बताया कि उसे विज्ञान और रसायन में हमेशा से गहरी रुचि थी, लेकिन हाल के वर्षों में वह धार्मिक रूप से कट्टर होता जा रहा था।

ATS का अगला कदम

गुजरात ATS ने बताया कि अब टीमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हैदराबाद में जाकर अन्य संदिग्धों और डिजिटल ट्रेल्स की जांच करेंगी। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या डॉक्टर किसी ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क या डार्क वेब ग्रुप से जुड़ा था।

एक अधिकारी ने कहा, प्रारंभिक जांच में यह साफ है कि उसने रिसिन को तैयार करने की दिशा में कदम उठाए थे, लेकिन तकनीकी तौर पर वह अभी शुरुआती चरण में था।”

Share This Article
Leave a Comment