दिल्ली में तैनात IAS अफसर तालो पोटोम गिरफ्तार, 19 वर्षीय के सुसाइड नोट में नाम

अरुणाचल के IAS अधिकारी तालो पोटोम ने सोमवार को खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया; युवक की मौत के बाद लगाए गए थे गंभीर आरोप।

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IAS तालो पोटोम गिरफ्तार | 19 वर्षीय के सुसाइड केस में नाम

अरुणाचल प्रदेश के IAS अधिकारी तालो पोटोम को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर एक 19 वर्षीय युवक के कथित सुसाइड नोट में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई हुई। पोटोम फिलहाल दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे।

मुख्य तथ्य

  • IAS अधिकारी तालो पोटोम ने सोमवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
  • 19 वर्षीय युवक ने सुसाइड नोट में अधिकारी पर शोषण और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।
  • युवक की मौत 23 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
  • पोटोम पर आत्महत्या के लिए उकसाने समेत BNS की धारा 271 और 272 के तहत केस दर्ज।
  • अदालत ने कानून-व्यवस्था की स्थिति देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा।

अरुणाचल प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी तालो पोटोम को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर एक 19 वर्षीय युवक के आत्महत्या के मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब सामने आया जब युवक के सुसाइड नोट में पोटोम और एक अन्य सरकारी अधिकारी का नाम सामने आया।

सूत्रों के मुताबिक, तालो पोटोम AGMUT कैडर के अधिकारी हैं और फिलहाल दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) में स्पेशल सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने सोमवार सुबह इटानगर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (abetment of suicide) और BNS की धाराएं 271 व 272 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो किसी भी खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने से संबंधित हैं।

घटना का पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय युवक ने 23 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली थी। उसके परिवार का आरोप है कि युवक ने अपने सुसाइड नोट में IAS अधिकारी और अन्य सरकारी अफसरों पर यौन शोषण, आर्थिक वादाखिलाफी और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। परिवार ने यह भी कहा कि युवक ने लिखा था कि उसे HIV हो गया है।

मृतक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और पोटोम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया। इससे पहले पोटोम ने एक वीडियो बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी युवक से कोई निजी पहचान नहीं थी और वह केवल एक कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ के रूप में काम करता था। पोटोम ने दावा किया कि दिल्ली तबादले के बाद उन्होंने युवक का संपर्क नंबर ब्लॉक कर दिया था क्योंकि वह बार-बार फोन करके मदद मांग रहा था।

पुलिस अधीक्षक न्येलम नेगा ने बताया कि, “हम 24 अक्टूबर से उसकी तलाश कर रहे थे। वह दिल्ली में पदस्थ था, लेकिन अपनी बेटी की शादी (28 अक्टूबर) के लिए अरुणाचल आया हुआ था। सोमवार को उसने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।”

सह-आरोपी की भी संदिग्ध मौत
इस केस में नामित एक अन्य अधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यकारी अभियंता लिकवांग लोवांग ने भी 23 और 24 अक्टूबर की रात को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

घटना के बाद सोमवार को पापुम पारे ज़िले में तनाव की स्थिति बन गई। मृतक के परिवार और कई प्रदर्शनकारी इटानगर कोर्ट परिसर के बाहर इकट्ठा हुए, जब पोटोम को पेश किया गया। कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत की बजाय न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इस बीच, सूत्रों का कहना है कि PWD विभाग ने सर्विस डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर तालो पोटोम की सेवा समाप्त करने की सिफारिश की है।

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