अगर आप आयकरदाता हैं और वित्त वर्ष 2024-25 में अपना कुल टैक्स जानना चाहते हैं, तो अब यह प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। Income Tax Calculator की मदद से आप पुराने और नए टैक्स रिजीम, दोनों के आधार पर अपना टैक्स कैलकुलेट कर सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- इनकम टैक्स कैलकुलेटर से पुराने और नए दोनों टैक्स रिजीम में टैक्स कैलकुलेट किया जा सकता है।
- यह कैलकुलेटर व्यक्तिगत करदाता, फर्म, कंपनी, LLP और ट्रस्ट – सभी के लिए उपलब्ध है।
- इसमें PAN, नाम, आयु और टैक्स श्रेणी जैसी जानकारी दर्ज करनी होती है।
- सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी, बिज़नेस, प्रोफेशन और अन्य स्रोतों की आय दर्ज करनी होगी।
- टैक्स कैलकुलेशन के बाद रिबेट, सरचार्ज और हेल्थ व एजुकेशन सेस जोड़कर कुल टैक्स निकलेगा।
भारत में हर साल लाखों करदाता अपना Income Tax भरते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयकर विभाग ने Income Tax Calculator उपलब्ध कराया है, जिससे कोई भी करदाता आसानी से अपना टैक्स कैलकुलेशन कर सकता है। यह कैलकुलेटर पुराने और नए टैक्स रिजीम दोनों के लिए काम करता है और इसका उपयोग व्यक्ति, फर्म, LLP, घरेलू कंपनी, विदेशी कंपनी और ट्रस्ट तक कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल?
कैलकुलेटर का उपयोग करने के लिए सबसे पहले करदाता को अपना PAN नंबर और नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद टैक्स रिटर्न का प्रकार चुनना होगा — यानी यह अपडेटेड रिटर्न (धारा 139(8A) के तहत) है या सामान्य रिटर्न।
फिर आपको यह तय करना होगा कि आप पुराना टैक्स रिजीम चुन रहे हैं या नया टैक्स रिजीम। साथ ही Assessment Year यानी आकलन वर्ष भी भरना जरूरी है। इसके बाद आपको अपनी श्रेणी (Individual, Firm, LLP, Domestic Company या Foreign Company) का चुनाव करना होगा।
करदाता की आयु के आधार पर भी फर्क
कैलकुलेटर में करदाता की आयु भी दर्ज करनी होती है। यह तीन श्रेणियों में बंटी है – सामान्य नागरिक, वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) और अतिवृद्ध नागरिक (80 वर्ष से अधिक)।
आय के विभिन्न स्रोत
इसके बाद आपकी आय को अलग-अलग मदों में दर्ज करना होता है:
- वेतन (Salary): नेट सैलरी, एंटरटेनमेंट अलाउंस और प्रोफेशनल टैक्स घटाकर।
- गृह संपत्ति (House Property): स्वयं-निवासित और किराये पर दी गई संपत्ति से आय।
- व्यवसाय या प्रोफेशन (Business/Profession): धारा 44AD और 44ADA के तहत आय।
- अन्य स्रोत (Other Sources): बचत खाता ब्याज, बैंक/डाकघर जमा ब्याज, अन्य आय।
विशेष दरों पर कर
सामान्य आय पर टैक्स की गणना के बाद कैपिटल गेन, लॉटरी आदि पर टैक्स अलग से जोड़ना होता है। इसके बाद कुल आय पर 87A की रिबेट, सरचार्ज और Health & Education Cess जोड़कर अंतिम टैक्स देयता निकलती है।
इस तरह यह कैलकुलेटर करदाताओं को मिनटों में यह जानने की सुविधा देता है कि उन्हें कितनी टैक्स देनदारी है।


