सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की आपत्ति, चेनाब पर भारतीय परियोजना को लेकर उठाए सवाल

दुलहस्ती स्टेज-II परियोजना पर बिना सूचना के आगे बढ़ने का आरोप, पाकिस्तान ने कहा—जल अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे

Priyanka
3 Min Read
चेनाब नदी पर प्रस्तावित दुलहस्ती स्टेज-II परियोजना को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद गहराया।

पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि भारत सिंधु जल संधि (IWT) के तहत पश्चिमी नदियों पर मिलने वाले अपने “सीमित अधिकारों” का दुरुपयोग नहीं कर सकता। यह बयान भारत द्वारा कश्मीर में चेनाब नदी पर 260 मेगावाट की दुलहस्ती स्टेज-II जलविद्युत परियोजना को मंजूरी दिए जाने की खबरों के बाद आया है।

साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि भारतीय मीडिया में सामने आई इन रिपोर्टों ने गंभीर चिंता पैदा की है। उनका कहना था कि इस परियोजना को लेकर पाकिस्तान के साथ कोई पूर्व सूचना या आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई।

अंद्राबी ने बताया कि पाकिस्तान ने इस मामले में भारत से औपचारिक रूप से जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि सिंधु जल आयुक्त ने अपने भारतीय समकक्ष से परियोजना की प्रकृति, दायरे और तकनीकी विवरणों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि यह एक नई रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है या किसी मौजूदा परियोजना में बदलाव या अतिरिक्त काम।

प्रवक्ता ने दोहराया कि 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से बनी सिंधु जल संधि के तहत भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित उपयोग की अनुमति है, लेकिन इन अधिकारों के साथ सख्त शर्तें भी जुड़ी हुई हैं। उनके मुताबिक, पश्चिमी नदियों पर किसी भी परियोजना के लिए डिजाइन और संचालन से जुड़े नियमों का पालन और पाकिस्तान के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे। इनमें 1960 की सिंधु जल संधि को “अस्थगन” में रखने का फैसला भी शामिल था।

अंद्राबी ने कहा कि सिंधु जल संधि एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है और पाकिस्तान अब भी भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि देश अपने “अस्तित्व से जुड़े जल अधिकारों” पर किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगा।

इस तरह, चेनाब नदी पर प्रस्तावित भारतीय परियोजना एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे और सिंधु जल संधि को लेकर चल रहे तनाव के केंद्र में आ गई है।

Share This Article
Leave a Comment