भारत ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में वही किया, जो किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले एक टीम करना चाहती है—अपने इरादे साफ कर दिए। बल्ले से बेधड़क आक्रमण और गेंद से अनुशासित दबाव। नतीजा, 271 रन का विशाल स्कोर और 46 रन की जीत के साथ सीरीज़ पर मुहर।
मैच का केंद्र ईशान किशन रहे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया और रन बनाते समय मैदान के हर कोने का इस्तेमाल किया। छोटी बाउंड्री का फायदा उठाया, गैप खोजे और लगातार रन गति बनाए रखी। उनके शतक ने भारत को शुरुआती बढ़त ही नहीं दी, बल्कि न्यूज़ीलैंड को पूरे मैच में दबाव में रखा।
ईशान को सूर्यकुमार यादव का अच्छा साथ मिला। स्कोरबोर्ड तेजी से चलता रहा और भारत ने 20 ओवर में 271 रन खड़े कर दिए। कुल मिलाकर 17 चौके और 23 छक्के लगे—यह आंकड़ा ही बता देता है कि मेज़बान टीम किस मूड में थी।
जवाब में न्यूज़ीलैंड ने हार नहीं मानी। फिन एलन ने तेज़ और निडर पारी खेली। 37 गेंदों में 80 रन बनाते हुए उन्होंने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाने की कोशिश की। अक्षर पटेल के एक मौके पर बच निकलने के बाद एलन ने गति और बढ़ाई, यहां तक कि जसप्रीत बुमराह को भी नहीं बख्शा। कुछ देर के लिए लगा कि मुकाबला रोचक हो सकता है।
लेकिन इतना बड़ा लक्ष्य आखिरकार बहुत भारी था। एलन के आउट होते ही न्यूज़ीलैंड की पारी लड़खड़ा गई। सिर्फ 20 रन के भीतर चार विकेट गिर गए और यहीं से मैच भारत के पूरी तरह पक्ष में चला गया।
इस चरण में स्पिन जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई। ओस के बावजूद अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने नियंत्रण बनाए रखा। अक्षर के शुरुआती तीन ओवर बेहद किफायती रहे, वहीं वरुण को विकेट कम मिले, लेकिन दबाव बराबर बना रहा।
इस दबाव का फायदा अर्शदीप सिंह को मिला। शुरुआती स्पेल में थोड़े महंगे रहने के बाद उन्होंने वापसी की और अपने टी20 करियर का पहला पांच विकेट हॉल पूरा किया। आखिरी झटका डेरिल मिचेल का रहा, जब एक सटीक यॉर्कर ने उनकी पारी का अंत किया। न्यूज़ीलैंड 225 पर सिमट गया।
स्टैंड्स में माहौल लगातार उत्साह से भरा रहा। संजू सैमसन के जल्दी आउट होने पर जरूर कुछ देर मायूसी दिखी, लेकिन चौकों-छक्कों की बारिश ने दर्शकों को मैच से जोड़े रखा।
मैच के बाद एक चिंता का ज़िक्र जरूर हुआ—ओपनिंग संयोजन। संजू सैमसन का संघर्ष जारी रहा और उनकी पारी सिर्फ छह गेंदों तक सीमित रही। टी20 में ओपनरों की भूमिका भले ही टेस्ट जैसी निर्णायक न हो, लेकिन लगातार अस्थिर शुरुआत टीम का संतुलन बिगाड़ सकती है। खासकर तब, जब हाल के महीनों में अबिषेक ने ओपनिंग में ज़्यादा भार उठाया है।
भारत के पास गहराई और पावर-हिटर्स की कमी नहीं है। फिर भी वर्ल्ड कप के निर्णायक दौर से पहले ओपनिंग में स्थिरता तलाशना ज़रूरी होगा, ताकि तेज़ शुरुआत का दबाव एक ही कंधे पर न रहे।
संक्षिप्त स्कोर:
भारत 271/5 (20 ओवर): ईशान किशन 103, सूर्यकुमार यादव 63; लॉकी फर्ग्यूसन 2/41
न्यूज़ीलैंड 225 ऑलआउट (19.4 ओवर): फिन एलन 80; अर्शदीप सिंह 5/51
भारत ने मैच 46 रन से जीता


