Jeff Bezos एक बार फिर CEO की भूमिका में लौट रहे हैं—लेकिन इस बार Amazon के लिए नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी 6.2 अरब डॉलर की AI स्टार्टअप Project Prometheus के लिए। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, यह कंपनी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों के लिए उन्नत AI विकसित कर रही है, और इसका Blue Origin से भी सीधा जुड़ाव माना जा रहा है।
मुख्य तथ्य
- Bezos Project Prometheus के co-CEO बने, Vik Bajaj के साथ।
- स्टार्टअप ने $6.2 बिलियन फंडिंग जुटाई—कुछ Bezos ने खुद निवेश किए।
- कंपनी का फोकस: कंप्यूटिंग, ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस AI समाधान।
- प्रोजेक्ट Bezos की Blue Origin स्पेस विज़न से गहराई से जुड़ा।
- Bezos—“AI रियल है, हर इंडस्ट्री बदलने वाली है… यह एक इंडस्ट्रियल बबल है, फाइनेंशियल नहीं।”
Amazon के संस्थापक और दुनिया के सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेताओं में से एक Jeff Bezos ने चार साल बाद फिर से एक कंपनी की कमान संभाल ली है। The New York Times की रिपोर्ट कहती है कि Bezos अब एक नई और बेहद गुप्त AI स्टार्टअप Project Prometheus के co-CEO बन चुके हैं। यह उनकी 2021 में Amazon के CEO पद से हटने के बाद सबसे बड़ी ऑपरेशनल वापसी है।
Project Prometheus का नाम शायद ग्रीक मिथक के टाइटन Prometheus पर रखा गया है—जिसने इंसानों को आग दी थी। यह नाम संकेत देता है कि कंपनी AI क्षेत्र में किसी बड़े, बदलावकारी भविष्य पर काम कर रही है।
कौन हैं दूसरे Co-CEO?
Bezos इस कंपनी को Vik Bajaj के साथ चलाएंगे, जो Google X के पूर्व डायरेक्टर और प्रसिद्ध “Moonshot Factory” का हिस्सा रहे हैं। Bajaj Waymo (Google की सेल्फ-ड्राइविंग कार पहल) के शुरुआती विकास से भी जुड़े रहे।
LinkedIn पर Bajaj खुद को Prometheus का co-founder और co-CEO बताते हैं।
6.2 अरब डॉलर की फंडिंग—लेकिन कंपनी के बारे में जानकारी बेहद सीमित
The New York Times के अनुसार, Project Prometheus ने $6.2 बिलियन की भारी-भरकम फंडिंग जुटाई है—और Bezos ने खुद भी इसमें निवेश किया है।
कंपनी stealth mode में है:
- इसका मुख्यालय कहाँ है—अज्ञात।
- यह कब स्थापित हुई—अज्ञात।
- इसकी टीम कितनी बड़ी है—अज्ञात।
लेकिन रिपोर्ट कहती है कि स्टार्टअप—
कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, और एयरोस्पेस, जैसे क्षेत्रों के लिए AI टूल्स विकसित कर रहा है।
यानी यह सामान्य AI चैटबॉट बनाने वाली कंपनी नहीं—बल्कि इंडस्ट्रियल-ग्रेड AI इंफ्रास्ट्रक्चर फैला रही है।
Blue Origin से जुड़ाव—Bezos के स्पेस सपनों का अगला अध्याय?
रिपोर्ट बताती है कि Project Prometheus का Blue Origin से गहरा संबंध होगा। Bezos बार-बार यह कह चुके हैं कि आने वाला भविष्य पृथ्वी से बाहर की दुनिया को बसाने का है।
2025 के Italian Tech Week में Bezos ने कहा था—
“अगले कुछ दशकों में लाखों लोग स्पेस में रहेंगे।”
उनका मानना है कि AI-असिस्टेड रोबोट
चांद पर, अंतरिक्ष स्टेशनों में , और दूरस्थ ग्रहों पर, मानवों की जगह अधिकांश काम कर सकेंगे।
Bezos ने कहा—
“यदि आपको चांद की सतह पर कोई काम करवाना है, तो आप वहाँ इंसान भेजने के बजाय रोबोट भेजेंगे—यह बहुत सस्ता होगा।”
Prometheus को इसी विज़न की मुख्य कड़ी माना जा रहा है—AI और रोबोटिक्स के संयोजन से मंगल और चांद जैसी जगहों पर मैन्युफैक्चरिंग संभव बनाने का सपना।
“AI बबल है… लेकिन इंडस्ट्रियल बबल” — Bezos
Turin की तकनीकी कॉन्फ्रेंस में Bezos ने एक दिलचस्प टिप्पणी की—
“AI में बबल तो है, लेकिन यह इंडस्ट्रियल बबल है, फाइनेंशियल नहीं।”
Bezos का मतलब यह था कि:
- अभी हर AI आइडिया पर निवेश हो रहा है,
- कई AI स्टार्टअप असफल होंगी,
- लेकिन जैसे 90s की बायोटेक बबल ने अंत में जीवन-रक्षक खोजें दीं—
AI भी अंत में मानव सभ्यता को आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा—
“AI असली है, और यह हर इंडस्ट्री बदल देगा। इसके लाभ समाज के लिए बहुत बड़े होंगे।”
Goldman Sachs के CEO David Solomon ने भी कहा कि हां, AI इन्वेस्टमेंट बबल जैसा लग रहा है, लेकिन उसका असर अभी देखना बाकी है।
Bezos इस विशाल बदलाव पर दांव लगा रहे हैं—और Prometheus उसी दांव का केंद्र है।
Prometheus की फिलॉसफी: तकनीक से ‘Civilizational Abundance’


