Kashmir Times ऑफिस पर SIA की रेड में बंदूक–गोलियां मिलने का दावा; मालिक बोले–‘हमें चुप कराने की कोशिश’

अख़बार के दफ्तर में छापेमारी के बाद बड़ा विवाद, मालिकों ने आरोपों को निराधार बताया

newsdaynight
newsdaynight
5 Min Read
Kashmir Times पर SIA की रेड, मालिकों ने आरोप खारिज

जम्मू-कश्मीर की State Investigation Agency (SIA) ने गुरुवार सुबह जम्मू स्थित Kashmir Times के दफ्तर पर छापेमारी की और दावा किया कि वहाँ से बंदूक, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद हुई है। वहीं, अख़बार की मालिक और संपादक अनुराधा भसीन और उनके पति प्रभोध जम्वाल ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” और “हमें चुप कराने की कोशिश” बताया है।

मुख्य तथ्य

  • SIA ने दावा किया—Kashmir Times ऑफिस से revolver और AK-series के empty cases मिले।
  • मालिक अनुराधा भसीन और प्रभोध जम्वाल ने आरोपों को “झूठा और डराने की कोशिश” बताया।
  • एजेंसी ने अख़बार पर “विभाजनकारी और उग्र विचार फैलाने” जैसे आरोप लगाए हैं।
  • जांच टीम ने दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और घरों पर भी तलाशी ली।
  • SIA की कार्रवाई हाल ही में सामने आए terror module केस के बाद बढ़ाई गई है।

जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने गुरुवार तड़के जम्मू के रेजिडेंसी रोड स्थित Kashmir Times दफ्तर पर छापेमारी की। यह अख़बार क्षेत्र का सबसे पुराना अंग्रेज़ी समाचार–गृहों में से एक माना जाता है। SIA का कहना है कि यह कार्रवाई संगठन की “अलगाववादी और राष्ट्र–विरोधी तत्वों के साथ कथित साज़िश” की जांच के तहत की गई।

एजेंसी के अनुसार, रेड सुबह लगभग 6 बजे शुरू हुई और परिसर से “एक revolver, AK-series के 14 empty cases, तीन live rounds, चार फायर की गई गोलियाँ और तीन grenade safety levers” बरामद किए गए। साथ ही कुछ संदिग्ध pistol rounds मिलने का दावा भी किया गया है।

मालिकों ने कहा: आरोप झूठे, यह प्रेस को दबाने की कोशिश

Kashmir Times की मालिक और संपादक अनुराधा भसीन और उनके पति प्रभोध जम्वाल, जो वर्तमान में अमेरिका में बताए जा रहे हैं, ने एक बयान जारी कर इन आरोपों को “निराधार”, “झूठा” और “हमें डराने–चुप कराने का तरीका” बताया।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और सरकार आलोचनात्मक आवाज़ों को निशाना बना रही है।
उनके अनुसार, “ये आरोप हमें बदनाम करने और हमारी आवाज़ दबाने के लिए गढ़े गए हैं।”

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने SIA की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि “ऐसी रेड तभी होती है जब पुख्ता जानकारी हो, केवल दबाव बनाने के लिए नहीं।”

SIA की जांच और आरोपों का दायरा

SIA ने Kashmir Times पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • “उग्रवादी और अलगाववादी विचारधारा फैलाना”
  • “भड़काऊ और झूठे नैरेटिव प्रसारित करना”
  • “युवाओं को भड़काने का प्रयास”
  • “जन–शांति भंग करना और भारत की संप्रभुता को चुनौती देना”

एजेंसी का कहना है कि दफ्तर को खोलने के लिए उन्होंने अख़बार के मैनेजर संजीव केर्णी को घर से बुलवाया। तलाशी के बाद SIA टीम उन्हें प्रभोध जम्वाल के गांधी नगर स्थित घर ले गई, जहाँ दो घंटे तलाशी चली। वहाँ मौजूद जम्वाल परिवार की सदस्य अंजु भसीन भी विदेश में बताई जा रही हैं।

इसी सप्ताह जाँच एजेंसियों ने एक बड़ा मॉड्यूल पकड़ा था

SIA की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले J&K पुलिस ने फरीदाबाद में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर से जुड़े कम से कम तीन डॉक्टरों को पकड़ा गया था। चौथा डॉक्टर उस कार को चला रहा था जो 10 नवंबर को दिल्ली के रेड फोर्ट के पास फट गई थी, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी।

अधिकारियों का कहना है कि SIA ऑनलाइन नैरेटिव और कथित समर्थन नेटवर्क की भी जाँच कर रही है। कई दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री कब्जे में ली गई है।

Kashmir Times की पृष्ठभूमि

1954 में वरिष्ठ पत्रकार वेद भसीन द्वारा स्थापित Kashmir Times ने कई दशकों तक जमीनी रिपोर्टिंग और स्वतंत्र संपादकीय रुख के लिए पहचान बनाई। अख़बार ने हाल के वर्षों में जम्मू से प्रिंट संस्करण बंद कर दिया था और अब मुख्यतः डिजिटल रूप से संचालित होता है।

भसीन और जम्वाल ने कहा कि वे संविधान में दी गई प्रेस की स्वतंत्रता की बात दोहराते हैं और एजेंसी से इस “अनुचित कार्रवाई को तुरंत रोकने” की मांग करते हैं।

Share This Article
Leave a Comment