मुख्य तथ्य
- विराट कोहली पहली बार अपनी ओडीआई करियर में दो मैचों में लगातार शून्य पर आउट हुए।
- पर्थ में आठ-बॉल निष्क्रिय आउट होने के बाद एडिलेड में चार-बॉल पर चलता बना।
- एडिलेड विदाई के दौरान दर्शकों को हाथ हिलाकर अलविदा कहने की मुद्रा ने भी सोशल मीडिया पर भूचाल मचा दिया।
- अश्विन द्वारा साझा किया गया पोस्ट सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ और पूछा जाने लगा कि क्या वो कोहली को ही इशारा कर रहे हैं।
- कोहली ने पिछले साल जून में टी20इ से, इस साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था और अब ऑस्ट्रेलिया में चल रही तीन-म्याच ओडीआई सीरीज़ के बाद ही उनका अंतर्स्थान ‘अगला’ कदम हो सकता है।
क्रिकेट की दुनिया में वह पल जब बल्ला खामोश हो जाता है, अक्सर उससे ज्यादा-ज्यादा चर्चा होती है। आज ऐसा ही एक पल बना है—जब विराट कोहली के नाम इस बार बड़ी पारी की जगह ‘0’ दर्ज हुआ और साथ ही एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सवाल खड़े कर दिए।
पर्थ में पहले मैच में बारिश से प्रभावित खेल में कोहली आठ गेंद खेलने के बाद वापस लौट गए। इसके बाद एडिलेड में उन्होंने चार गेंद का सामना किया और फिर विक्सर बार्टलेट की गेंद पर खुद को बोल्ड पाया। इस तरह दोनों मैचों में कोहली पहली बार अपनी ओडीआई करियर में लगातार शून्य पर आउट हुए—यह उनके करियर की एक अनोखी घटना थी।
वे मैदान से बाहर जाते हुए दर्शकों को हाथ हिला-हिलाकर अलविदा कह रहे थे। यह खामोश विदाई ना सिर्फ कोहली के फैन क्लब में बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक तरह का अलार्म बज गई। जहां फैंस पूछने लगे: “क्या अब विराट कोहली फिर से मैदान पर उतरेंगे?”
इधर, आर अश्विन ने एक बेहद सिंपल लेकिन ऐसा पोस्ट किया जिसने हवा बदल दी—“Just leave it ✔” … और बस इतना ही। पृष्ठभूमि में भारतीय तिरंगे का टिक मार्क। साफ-साफ कुछ नहीं कहा गया, लेकिन सोशल मीडिया ने इसे तुरंत कोहली की ओर इशारा मान लिया। कुछ ने लिखा, “यह कोहली के लिए है?” तो कुछ ने कहा, “यह तो विदाई की शुरुआत है।”
अगर इस सीरीज़ को कोहली के करियर का आखिरी ऑस्ट्रेलियाई अध्याय माना जाए, तो यह अलविदा-अवसर नहीं बल्कि एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। कोहली ने जून 2023 में टी20इ से और मई 2024 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। अब 36-साल के इस स्टार खिलाड़ी के सामने ओडीआई में चयन को लेकर चुनौतियाँ हैं—उम्र बढ़ी है, युवा उम्दा बैट्समैन जैसे Yashasvi Jaiswal और Abhishek Sharma अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
हालांकि कोहली ने खुद यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके भाग्य में और एक ओडीआई सीरीज़ या विश्व कप है या नहीं। लेकिन इस बार का प्रदर्शन और सामने आए संकेत निश्चित रूप से सवाल खड़े कर रहे हैं। वे भारत के लिए रन मशीन रहे हैं, लेकिन क्रिकेट की दुनिया में जगह हमेशा बदलती रहती है। विजय-शक्ति, फिटनेस, टीम की दिशा और चयन सभी ऐसा मिश्रण हैं जिसमें समय-समय पर बदलाव होना लाजमी है।
इसलिए जब अश्विन जैसे सहकारी टीममेट और साथ ही शतक-शतक से सजी कोहली की निगाहें मैदान छोड़ने की तरह दिखें, तो फैंस को तैयार रहना होगा कि यह सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि एक युग का समापन हो सकता है।
क्या यह बस एक भावनात्मक लम्हा था या कोहली ने सच-मुच कहा — “बस छोड़ दो”? समय ही बताएगा।


