कोहली ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड, रोहित ने वॉर्नर की बराबरी की

विजय हजारे ट्रॉफी में दिग्गजों ने दिखाया कि फॉर्म अभी बाकी है

Virat
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कोहली ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड, रोहित का बड़ा कारनामा

भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम — विराट कोहली और रोहित शर्मा — ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र और ब्रेक उनके खेल पर असर नहीं डाल पाए हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के मंच पर दोनों ने ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने न सिर्फ आंकड़ों की किताब बदली बल्कि आने वाले वर्षों के संकेत भी दे दिए।

मुख्य तथ्य

  • विराट कोहली ने लिस्ट-A क्रिकेट में 16,000 रन पूरे किए
  • कोहली ने यह उपलब्धि 330 पारियों में हासिल की
  • रोहित शर्मा ने 150+ स्कोर के मामले में डेविड वॉर्नर की बराबरी की
  • रोहित ने सौराष्ट्र नहीं, बल्कि मुंबई की ओर से शतक जड़ा
  • दोनों खिलाड़ी कई साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में उतरे

क्या हुआ मैदान पर?

दिल्ली की ओर से खेलते हुए विराट कोहली ने आंध्र प्रदेश के खिलाफ मैच में लिस्ट-A क्रिकेट में 16,000 रन पूरे किए। खास बात यह रही कि उन्होंने यह आंकड़ा सचिन तेंदुलकर से कहीं कम पारियों में छू लिया। यह रिकॉर्ड बताता है कि कोहली सिर्फ रन नहीं बना रहे, बल्कि लगातार और तेज़ी से बना रहे हैं।

वहीं जयपुर में मुंबई की तरफ से खेलते हुए रोहित शर्मा ने सिक्किम के खिलाफ शानदार शतक जड़ा। उनकी 155 रनों की पारी ने उन्हें लिस्ट-A में सबसे ज्यादा 150+ स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में डेविड वॉर्नर के बराबर खड़ा कर दिया।

रिकॉर्ड का बैकग्राउंड क्या कहता है

सचिन तेंदुलकर ने 16,000 लिस्ट-A रन 391 पारियों में पूरे किए थे, जबकि विराट कोहली ने यह मुकाम सिर्फ 330 पारियों में हासिल किया। 10,000 रन के बाद से हर 1,000 रन का पड़ाव सबसे तेज़ पार करने का रिकॉर्ड भी अब कोहली के नाम है।

रोहित शर्मा की पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि वह विजय हजारे ट्रॉफी में शतक लगाने वाले उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने दिखा दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका खेल अब भी उतना ही प्रभावी है।

इसका महत्व क्या है

इन रिकॉर्ड्स का मतलब सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। यह संकेत है कि दोनों खिलाड़ी, जो अब टेस्ट और टी-20 क्रिकेट से दूरी बना चुके हैं, वनडे फॉर्मेट के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखे हुए हैं। घरेलू क्रिकेट में उतरना यह दिखाता है कि वे सिर्फ नाम के भरोसे नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

यह भी साफ है कि 2027 के वनडे विश्व कप की तस्वीर में ये दोनों अभी भी खुद को प्रासंगिक बनाए रखना चाहते हैं।

निष्कर्ष

विराट कोहली और रोहित शर्मा की ये पारियां एक संदेश हैं — भारतीय क्रिकेट में अनुभव और क्लास की अभी भी बड़ी भूमिका है।
रिकॉर्ड टूटते रहेंगे, लेकिन जो बात सबसे अहम है, वह है इन दिग्गजों का hunger और consistency, जो आज भी उतनी ही मजबूत दिखती है।

Q&A Section

Q1: लिस्ट-A क्रिकेट में यह रिकॉर्ड इतना अहम क्यों माना जाता है?

लिस्ट-A फॉर्मेट सीधे वनडे क्रिकेट से जुड़ा होता है, इसलिए यहां का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय चयन और फॉर्म का बड़ा संकेत देता है।

Q2: क्या कोहली और रोहित 2027 विश्व कप तक खेल सकते हैं?

हालिया प्रदर्शन बताता है कि अगर फिटनेस बनी रही, तो दोनों खिलाड़ी 2027 तक वनडे क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

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