भारतीय हमले में मसूद अज़हर के परिवार के टुकड़े-टुकड़े: जैश

जैश-ए-मोहम्मद कमांडर ने कबूल किया कि 7 मई को बहावलपुर में भारतीय मिसाइल स्ट्राइक में मसूद अज़हर के परिवार के कई सदस्य मारे गए।

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भारतीय हमले में मसूद अज़हर का परिवार मारा गया

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) प्रमुख मसूद अज़हर के परिवार के लोग भारतीय मिसाइल हमले में मारे गए थे। इस बात की पुष्टि खुद संगठन के कमांडर इलियास कश्मीरी ने की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह गुस्से में हमले की चर्चा करता नज़र आया।

मुख्य तथ्य

  • 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर में जैश मुख्यालय को निशाना बनाया।
  • मसूद अज़हर के परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी सहयोगी मारे गए।
  • मारे गए लोगों में अज़हर की बहन, उसका पति, भतीजा, भतीजी और बच्चे शामिल।
  • हमले में अज़हर के एक सहयोगी की माँ और दो अन्य साथी भी मारे गए।
  • पाकिस्तानी सेना के अफसर और नौकरशाह अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कमांडर इलियास कश्मीरी ने स्वीकार किया है कि भारतीय सेना की 7 मई को बहावलपुर (पाकिस्तान) में की गई मिसाइल स्ट्राइक में संगठन के मुखिया मसूद अज़हर के परिवार के लोग मारे गए। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कश्मीरी ने कहा कि “मौलाना मसूद अज़हर का परिवार टुकड़े-टुकड़े हो गया।”

यह बयान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आयोजित मिशन मुस्तफा कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आया। कश्मीरी हथियारबंद लोगों के बीच खड़ा होकर कह रहा था कि जैश ने पाकिस्तान की “विचारधारा और सीमाओं” की रक्षा के लिए दिल्ली, काबुल और कंधार तक में हमला किया है। इसी दौरान उसने स्वीकार किया कि भारतीय हमले में अज़हर के नज़दीकी रिश्तेदार मारे गए।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ गया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर बहावलपुर सहित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। बहावलपुर लंबे समय से जैश का गढ़ माना जाता है।

एक बयान, जिसे मसूद अज़हर से जोड़ा गया, में दावा किया गया था कि जमिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह पर भारतीय हमले में उसके 10 रिश्तेदार और चार करीबी साथी मारे गए। इनमें उसकी बड़ी बहन और उनके पति, एक भतीजा-भतीजी और पाँच बच्चे शामिल थे। इसके अलावा एक करीबी सहयोगी की माँ और दो अन्य साथी भी मारे गए।

पाकिस्तानी सेना के जनरल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शीर्ष नौकरशाह मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। वहीं, मसूद अज़हर खुद 2019 से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखा है और माना जाता है कि वह बहावलपुर के किसी “सुरक्षित ठिकाने” में छिपा हुआ है।

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