दिग्गज अभिनेता पंकज धीर, जिन्होंने बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ में कर्ण का यादगार किरदार निभाया था, अब हमारे बीच नहीं रहे।

महाभारत के कर्ण बने दिवंगत अभिनेता पंकज धीर के बेटे निकितिन धीर ने ‘श्रीमद रामायण’ में रावण का किरदार निभाया। पिता का रिएक्शन सुनकर निकितिन की आंखें भर आईं।

Priyanka
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महाभारत के ‘कर्ण’ पंकज धीर के बेटे निकितिन ने श्रीमद रामायण में रावण का किरदार निभाया, पिता की भावनात्मक प्रतिक्रिया ने छू लिया दिल।

दिग्गज अभिनेता पंकज धीर, जिन्होंने बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ में कर्ण का यादगार किरदार निभाया था, अब हमारे बीच नहीं रहे। 68 वर्षीय अभिनेता का निधन कैंसर से जूझने के बाद हुआ। उनके बेटे निकितिन धीर, जो स्वयं एक लोकप्रिय अभिनेता हैं, ने हाल ही में पिता की प्रतिक्रिया साझा की जब उन्होंने ‘श्रीमद रामायण’ में रावण का किरदार निभाया। इस भावनात्मक पल ने पिता-पुत्र दोनों की गहरी बॉन्डिंग को उजागर कर दिया।

मुख्य तथ्य

  • महाभारत के कर्ण पंकज धीर का 68 वर्ष की आयु में निधन।
  • उनके बेटे निकितिन धीर ने ‘श्रीमद रामायण’ में रावण का किरदार निभाया।
  • निकितिन ने कहा – “रावण का रोल मेरे लिए किस्मत का खेल था।”
  • रोल मिलने से पहले निकितिन ने भगवान महादेव का टैटू बनवाया था।
  • पिता पंकज धीर ने बेटे की परफॉर्मेंस देखकर कहा – “तुमने मुझसे बेहतर रावण निभाया।”

 “रावण का किरदार मेरे लिए किस्मत का संकेत था” – निकितिन धीर

नवीन धारावाहिक ‘श्रीमद रामायण’ में रावण का रोल निभाने वाले अभिनेता निकीतिn धीर ने कहा कि उन्हें यह किरदार जैसे “किस्मत ने खुद चुनकर दिया”। ईटाइम्स टीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया,

“मुझे ऐसा लगता है जैसे ब्रह्मांड ने मेरे लिए रावण की भूमिका तय कर रखी थी। महादेव का टैटू बनवाने के सिर्फ 15 दिनों के भीतर मुझे यह रोल ऑफर हुआ। यह मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं था।”

निकितिन ने कहा कि उन्होंने रावण को सिर्फ एक खलनायक के रूप में नहीं, बल्कि एक जटिल, विचारशील और शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में समझा। दर्शक और समीक्षक दोनों ही उनके इस गहराई भरे प्रदर्शन की तारीफ कर चुके हैं।

पिता पंकज धीर का भावुक रिएक्शन

अपने पिता की प्रतिक्रिया साझा करते हुए निकितिन ने बताया कि उनके पापा ने ‘रामायण’ के हर एपिसोड को देखा और शो के निर्देशक सिद्धार्थ से भी कई बार बात की।

“मेरे पिता मेरे सबसे बड़े क्रिटिक हैं। जब उन्होंने कहा — ‘तुमने रावण का रोल मुझसे बेहतर निभाया, मैं भी इतना अच्छा नहीं कर पाता’ — उस वक्त मैं शूटिंग पर था और मेरी आंखों में आंसू आ गए।”

यह पल निकितिन के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि बचपन में उन्होंने अपने पिता को कर्ण का किरदार निभाते देखा था, और उसी समर्पण ने उन्हें प्रेरित किया। “उनकी यह तारीफ मेरे लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं थी,” निकितिन ने कहा।

पिता-पुत्र का अभिनय के प्रति सम्मान

पंकज धीर और निकितिन दोनों ही भारतीय टेलीविज़न की दुनिया के चमकते सितारे रहे हैं। पिता ने जहाँ ‘महाभारत’ और ‘चंद्रकांता’ जैसे क्लासिक्स से दर्शकों का दिल जीता, वहीं बेटे ने ‘श्रीमद रामायण’ में रावण के रूप में अपनी मजबूत छाप छोड़ी। दोनों की अभिनय यात्रा दिखाती है कि कैसे कला और समर्पण एक ही परिवार में पीढ़ियों तक जीवित रहता है।

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