प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के भवनगर में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का कोई बड़ा दुश्मन नहीं है, बल्कि असली दुश्मन है विदेशी निर्भरता। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही राष्ट्रीय सम्मान और वैश्विक शक्ति की कुंजी है।
मुख्य तथ्य
- पीएम मोदी ने कहा कि भारत का असली दुश्मन विदेशी निर्भरता है।
- उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को 4 अरब भारतीयों का भविष्य सुरक्षित करने का उपाय बताया।
- अमेरिका द्वारा H-1B वीज़ा पर $100,000 शुल्क और भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लागू।
- कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, शिपिंग क्षेत्र को विदेशी जहाजों पर निर्भर बना दिया गया।
- पीएम ने ₹34,200 करोड़ की विकास परियोजनाओं की नींव रखी और मुंबई क्रूज़ टर्मिनल का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के भवनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का कोई बड़ा दुश्मन नहीं है, लेकिन “हमारा असली दुश्मन है विदेशी निर्भरता।” पीएम ने इसे राष्ट्रीय गर्व और देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि यदि हम दूसरों पर निर्भर रहेंगे, तो आत्मसम्मान खो बैठेंगे।
मोदी ने कहा, “जितनी अधिक पराधीनता होगी, उतनी ही असफलता बढ़ेगी। दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश आत्मनिर्भर बने, यह समय की मांग है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत को प्रभावित करने वाले कड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीज़ा पर $100,000 शुल्क लगाने की घोषणा की है, जो 21 सितंबर से प्रभावी होगा। चूंकि H-1B वीज़ा धारकों में 71% भारतीय हैं, इसका सीधा असर भारत पर पड़ने वाला है। वहीं, अमेरिकी सरकार भारतीय आयात पर 50% टैरिफ भी लागू कर चुकी है, जिससे व्यापारिक दबाव और बढ़ गया है।
पीएम मोदी ने इस मौके पर कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने शिपिंग सेक्टर को विदेशी जहाजों पर निर्भर बना दिया। “भारत आज 90% व्यापार विदेशी जहाजों से करता है और हर साल लगभग ₹6 लाख करोड़ विदेशी कंपनियों को देता है। यह राशि हमारे रक्षा बजट के बराबर है।”
मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस की नीतियों ने भारत के शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब इस क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है ताकि भारत विदेशी जहाजों पर निर्भर न रहे।
भवनगर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने ₹34,200 करोड़ की विकास परियोजनाओं की नींव रखी। इसके अलावा वे मुंबई इंटरनेशनल क्रूज़ टर्मिनल का उद्घाटन भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय है आत्मनिर्भर भारत—“सौ दुखों की एक दवा, आत्मनिर्भर भारत।”


