महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। यहां एक प्रेम विवाह शादी के महज एक दिन बाद ही खत्म हो गया। दो से तीन साल तक एक-दूसरे को जानने के बाद शादी करने वाले इस जोड़े ने गंभीर मतभेद सामने आने पर कानूनी तौर पर अलग होने का फैसला किया।
महिला पेशे से डॉक्टर हैं, जबकि पुरुष इंजीनियर हैं। शादी के तुरंत बाद दोनों के बीच रहने की व्यवस्था को लेकर सहमति नहीं बन पाई। मामले को संभालने वाली अधिवक्ता रानी सोनावने के मुताबिक, पति-पत्नी के विचार इतने अलग निकले कि उन्होंने बिना देर किए अलग होने का रास्ता चुना।
अधिवक्ता ने साफ किया कि इस पूरे मामले में किसी तरह की हिंसा या आपराधिक आरोप नहीं हैं। दोनों ने शांति से कानूनी प्रक्रिया अपनाई और आपसी सहमति से शादी खत्म करने का निर्णय लिया। शादी के अगले ही दिन दोनों अलग-अलग रहने लगे।
रानी सोनावने ने बताया कि यह प्रेम विवाह था और दोनों पिछले दो से तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। लेकिन शादी के बाद पति ने पत्नी को बताया कि वह जहाज पर काम करता है और उसकी पोस्टिंग कब, कहां और कितने समय के लिए होगी, यह तय नहीं रहता। इसी अनिश्चितता को लेकर दोनों के बीच मतभेद गहरे हो गए।
अधिवक्ता के अनुसार, रहने की व्यवस्था और भविष्य को लेकर स्पष्टता न होने के कारण दोनों इस नतीजे पर पहुंचे कि अलग होना ही बेहतर विकल्प है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मामले में फैसला सुनाया।
उन्होंने यह भी हैरानी जताई कि इतना अहम मुद्दा, जो बाद में अलगाव की वजह बना, वह दो साल के रिश्ते के दौरान खुलकर चर्चा में नहीं आया। उनका कहना है कि प्रेम विवाह में भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो सकता है, लेकिन काम, समय और साथ रहने जैसी व्यावहारिक बातें लंबे रिश्ते के लिए उतनी ही जरूरी होती हैं।
यह मामला न सिर्फ अपनी तेज कानूनी प्रक्रिया के कारण चर्चा में है, बल्कि इसलिए भी कि दोनों ने बिना आरोप-प्रत्यारोप के, शांति और समझदारी से अपने मतभेद सुलझाने का रास्ता चुना।


