पुजा एंटरटेनमेंट के लिए 2024 चुनौतीपूर्ण साल रहा, जब 400 करोड़ से ज्यादा बजट की बड़े मियां छोटे मियां बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटी। रिपोर्ट्स में भारी कर्ज, दफ्तर गिरवी रखने और स्टाफ ले-ऑफ की खबरें सामने आईं। अब रकुल प्रीत सिंह ने पहली बार इस संकट पर खुलकर बात की है, दावा किया कि कई खबरें “गलत” थीं और परिवार ने हालात का डटकर सामना किया।
मुख्य तथ्य
- बड़े मियां छोटे मियां की नाकामी के बाद भजनानी परिवार पर भारी आर्थिक दबाव।
- जैकी और वाशु भजनानी पर फाइनेंशियल फ्रॉड के आरोपों तक की नौबत आई।
- स्टूडियो पर कर्ज, प्रॉपर्टी मोर्टगेज और स्टाफ ले-ऑफ की रिपोर्ट्स वायरल हुईं।
- रकुल प्रीत: “कई बातें गलत थीं, फिल्में फ्लॉप होना हर प्रोड्यूसर की किस्मत में होता है।”
- जैकी भजनानी ने स्वीकारा—“परिवार ने फिल्म के लिए प्रॉपर्टी तक गिरवी रखी।”
पुजा एंटरटेनमेंट के लिए बीते दो साल सिनेमाई असफलता और आर्थिक तनाव से भरे रहे। वाशु भजनानी और जैकी भजनानी द्वारा बनाई गई अपेक्षाकृत महंगी फिल्म बड़े मियां छोटे मियां, जिसका बजट reportedly 400 करोड़ रुपये से भी अधिक था, बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल हुई। इस असफलता ने प्रोडक्शन हाउस को वित्तीय संकट में धकेल दिया, जिसके बाद कई विवाद और आरोपों की लहर उठी।
फिल्म की नाकामी के बाद वाशु भजनानी ने निर्देशक अली अब्बास जफर के खिलाफ FIR दर्ज कराई, उन पर बजट “फुलाने” और फाइनेंशियल फ्रॉड का आरोप लगाया। इसी दौरान स्टूडियो पर स्टाफ की तनख्वाहें बकाया रहने की खबरें भी सामने आईं, हालांकि बाद में बताया गया कि ये भुगतान अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की मदद से क्लियर किए गए।
स्थिति इतनी गंभीर बताई गई कि रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भजनानी परिवार को कई प्रॉपर्टीज मोर्टगेज करनी पड़ीं और कंपनी को लगभग 250 करोड़ रुपये के कर्ज से निपटने के लिए अपना सात मंज़िला मुंबई ऑफिस भी बेचना पड़ा। हालांकि बाद में वाशु भजनानी ने बैंकक्रप्सी की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि बिल्डिंग बेची नहीं, बल्कि रीडेवलप की जा रही है।
रकुल प्रीत सिंह का बयान: “कई खबरें गलत थीं, हमने सच जाना”
अब, लंबे समय तक जैकी के साथ रिलेशनशिप में रहीं और 2024 में शादी करने वाली रकुल प्रीत सिंह ने पहली बार इस मुश्किल दौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
उन्होंने कहा कि मीडिया में जो लिखा गया, उसका बड़ा हिस्सा या तो आधा-अधूरा था या गलत। Humans of Bombay से बातचीत में रकुल ने कहा:
“हम क्लिकबेट कल्चर में रहते हैं। लोग सनसनी चाहते हैं। लेकिन जो अंदर की सच्चाई जानता है, उसे फर्क नहीं पड़ता।”
रकुल ने बताया कि वे इस समय के दौरान पूरी तरह शांत थीं क्योंकि उन्हें घर की सही स्थिति पता थी।
उन्होंने कहा—
“हाँ, 2–3 फिल्में नहीं चलीं और इसका परिवार को बड़ा नुकसान हुआ। लेकिन ऐसा हर प्रोड्यूसर के साथ होता है। अमिताभ बच्चन तक ने ऐसा समय देखा है। ये सिर्फ एक फेज है।”
उनके मुताबिक कठिन स्थिति में नज़रिए का बड़ा महत्व होता है—
“आप दुख गिन सकते हैं या कृतज्ञ रह सकते हैं कि आपके पास सर पर छत है, काम है, और लोग आपका काम पसंद करते हैं।”
जैकी भजनानी का दर्द: “प्रॉपर्टीज मोर्टगेज करनी पड़ीं”
कुछ महीने पहले जैकी ने भी इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि बड़े मियां छोटे मियां की नाकामी ने परिवार को बहुत गहरे वित्तीय नुकसान पहुँचाए।
SCREEN से बातचीत में उन्होंने कहा:
“कोई समझ नहीं सकता कि हमने क्या झेला। परिवार ने फिल्म के लिए प्रॉपर्टीज तक गिरवी रखीं।”
उन्होंने बिना अली अब्बास जफर का नाम लिए कहा कि विवाद तभी होता है जब फिल्म नहीं चलती—
“अगर फिल्म हिट होती, तो कोई विवाद नहीं होता। बातों का मतलब तब बनता है जब मेहनत चल जाती है।”
जैकी ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में हर किसी को दूसरों के पैसों के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए, क्योंकि फिल्ममेकिंग एक बड़ा जोखिम वाला बिज़नेस है।
समग्र स्थिति: एक फेज या एक चेतावनी?
पुजा एंटरटेनमेंट की मिसफायर फिल्मों—मिशन रानीगंज, गणपथ, और बड़े मियां छोटे मियां—ने लगातार घाटा दिया, जिससे ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव बढ़ा।
लेकिन रकुल-ज़ैकी के मुताबिक कंपनी बंद नहीं हो रही, न ही परिवार हार मान रहा है।
रकुल का संदेश यह रहा कि बॉलीवुड का हर बड़ा प्रोडक्शन हाउस कभी न कभी भारी नुकसान झेलता है, और यह समय गुजर जाता है—बशर्ते टीम मजबूत हो और दृष्टिकोण सकारात्मक।


